रुद्रप्रयाग में पुनाड़ गदेरे में रसायन का छिड़काव कर अवैध तरीके से मारी गई सैकड़ों मछलियां।
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नगर क्षेत्र के बीच में बहने वाले पुनाड़ गदेरे में रसायन का उपयोग कर सैकड़ों छोटी मछलियों को मारा गया है। गदेरे में तीन सौ मीटर के दायरे में मृत मछलियों के ढेर लगे हैं। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत मछलियों का सैंपल लिया है। बुधवार को नए बस अड्डे के समीप गदेरे में भारी मात्रा में छोटी मछलियां मृत पाई गई।
गदेरे में तीन सौ मीटर के दायरे में तीन जगहों पर गदेरे में रसायन के छिड़काव से मछलियों को मारा गया। वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी गदेरे के पानी और मृत मछलियों के सैंपल लिए। माना जा रहा है कि किसी रसायन का छिड़काव कर अवैध तरीके से मछलियां मारी गई हैं। बता दें कि करीब दो वर्ष पूर्व गदेरे में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर मछलियों का अवैध शिकार किया गया था। तब भी विभागीय व प्रशासनिक स्तर पर सैंपल भरने की खानापूर्ति की गई थी।
नहीं हो रहा मछलियां का संरक्षण
रुद्रप्रयाग। पुनाड़ गदेरे में छोटी-छोटी मछलियां काफी संख्या में पाई जाती है। डांगसेरा से लेकर नया बस अड्डा क्षेत्र तक इनकी संख्या सबसे अधिक है। बावजूद इनके संरक्षण को लेकर वन विभाग की ओर से आज तक कोई योजना नहीं बनाई गई है। वहीं नगर क्षेत्र को जलापूर्ति करने वाला पुनाड़ गदेरा स्रोत से नदी तक गंदगी से पटा हुआ है।
मृत मछलियों के सैंपल लिए गए हैं। डाक्टरी जांच के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल भेजे जाएंगे। मामला गंभीर है। उच्चाधिकारियों व प्रशासन को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है।
-- ललित मोहन नेगी, रेंजर रुद्रप्रयाग रेंज, वन विभाग