केदारनाथ आपदा के बाद पटरी पटरी पर लौटी केदारनाथ यात्रा पर आने वाले सैलानियों को फाइव स्टार जैसी सुविधाएं देने के उद्देश्य से तिलवाड़ा में अति अत्याधुनिक सुविधाओं वाले भूंकपरोधी हट्स बनाएं जा रहे हैं। हट्स को इस तरह आधुनिक ढंग से बनाया जा रहा है कि यहां पर सैलानी बैठकर योगा व अंतर्ध्यान भी कर सकते हैं।
हट्स बनाने में स्थानीय लोगों के हित को भी ध्यान में रखा गया है। हट्स ऐसे तैयार किए जाएंगे, जहां पर शादी समारोह भी हो सकेंगे। गढ़वाल विकास निगम द्वारा यह हट्स 17 करोड़ से अधिक की लागत से बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की ओर से 7 करोड़ 80 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
इस लागत से निगम द्वारा कार्यदायी संस्था लूम क्राफ्ट कंपनी के जरिए करीब 12 नाली भूमि पर 13 सुविधाजनक हट्स का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के प्रबंध निदेशक संतोष यादव ने बताया कि अब तक 6 हट्स का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शेष 7 हट्स का निर्माण 31 जनवरी तक पूरा किया जाना है।
प्रत्येक हट्स में 4 कमरे हैं, जिसमें 8 लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी। निर्माण कार्य में भूकंपरोधी तकनीक के साथ ही पर्यावरण सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग तिलवाड़ा कस्बे में निगम द्वारा अपनी बंद पड़ी तारपीन बिरोजा फैक्टरी परिसर में फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट के तहत हट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा है। फैक्ट्री में बंद पड़ी मशीनों को हटाने व पुराने भवन को तोडने का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
योग व ध्यान केंद्र भी बनेंगे
हट्स कॉम्पलेक्स में पहले चरण में योग व ध्यान केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा मीटिंग हाल, बारात घर, पार्किंग का निर्माण भी किया जाएगा। परिसर में चारों तरफ बैठने के लिए विशेष बेंच और झूले भी लगाए जाएंगे। परिसर के चारों तरफ अलग-अलग प्रजाति के फूल भी उगाए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में स्वीमिंग पुल व हेलीपैड का निर्माण किया जाना है। इस दोनों कार्यों के डिजायन भी तैयार कर लिए गए हैं।
फैक्ट्री परिसर को खाली कर फाइव स्टार प्रोजेक्ट के तहत दो चरणों में निर्माण कार्य होना है। पहले चरण में हट्स के अलावा अन्य कई कार्य होने हैं। आगामी यात्रा में यात्रियों को हट्स की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
-- डीपीएस नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक, जीएमवीएन
स्थानीय को मिलेगी प्राथमिकता
हट्स सहित मीटिंग व बारात घर की बुकिंग में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें रेंट में भी 10 से 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान रखा जा रहा है। साथ ही अन्य स्तर पर भी प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार के क्षेत्र में भी पहले अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा आगामी समय में जो अन्य निर्माण कार्य होंगे, उसमें भी लोकल श्रमिकों को काम दिया जाएगा।
दिनेश सेमवाल, प्रबंधक, जीएमवीएन तिलवाड़ा