केदारनाथ यात्रा में संचालित घोड़े-खच्चरों और जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर मंडरा रहे लावारिस पशुओं से कोई क्रूरता न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग और पशु क्रूरता समिति को जरूरी निर्देश दिए हैं।
बैठक में वर्चुअल संवाद करते हुए पशु क्रूरता समिति की सदस्य गौरी मौलिखी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाए। उन्होंने यात्रियों के लिए घोड़ा-खच्चरों का ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू करने पर भी जोर दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने समिति के सदस्यों को बताया कि केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों का संचालन उचित प्रबंधन के साथ हो रहा है। घोड़े-खच्चरों को उचित चिकित्सा मिले, इसके लिए गौरीकुंड में पशु चिकित्सालय एवं डॉक्टरों के लिए आवास के लिए भूमि चिह्नित की गई है।
बैठक में पशु कल्याण बोर्ड के संयुक्त निदेशक डा. आशुतोष जोशी ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश। इस मौके मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आशीष रावत, एसडीएम परमानंद राम, डा. राजीव गोयल, डा. रवि कुमार, डा. अमित सिंह, उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह चौधरी, अभिहीत अधिकारी मनोज कुमार सेमवाल, ईओ सुशील कुमार कुरील आदि मौजूद थे।