अभी 60 प्रतिशत घोड़े-खच्चर गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र में हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फाटा। केदार घाटी में लगातार हो रही बारिश का असर अब केदारनाथ यात्रा से जुड़े घोड़े-खच्चर संचालन पर भी दिखाई देने लगा है। अपनी आजीविका के लिए केदारनाथ धाम पहुंचे कई घोड़े-खच्चर संचालक अब सामान समेटकर अपने पशुओं के साथ घरों की ओर लौटने लगे हैं।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद क्षेत्र तथा बाहरी जनपदों से करीब आठ घोड़े-खच्चर यहां पहुंचे थे। पशुपालन विभाग में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन्हें यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति दी गई थी। करीब 50 दिनों तक यात्रा में सेवाएं देने के बाद अब बारिश का दौर शुरू होने से कई संचालकों ने वापसी का निर्णय लिया है। घोड़ा खच्चर संचालक प्रदीप सिंह ने बताया कि करीब 60 प्रतिशत घोड़े-खच्चर गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र में हैं जबकि 40 प्रतिशत संचालक अपने पशुओं के साथ लौट रहे हैं। बीते कुछ दिनों से दोपहर बाद हो रही लगातार बारिश और गौरीकुंड, चीरबासा व केदारनाथ मार्ग के संवेदनशील क्षेत्रों को देखते हुए संचालकों ने एहतियातन यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर रही है और यात्रा सीजन के दौरान अच्छी आमदनी हुई है। बरसात का दौर कम होने के बाद वे दोबारा अपने घोड़े-खच्चरों के साथ केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा संचालन शुरू करेंगे।