यूपी और उत्तराखंड की सीमा पर कोरोना जांच निजी लैब संचालकों के हाथों में सौंपने के बाद इसका शुल्क 1050 प्रति व्यक्ति निर्धारित कर दिया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। महंगी जांच देखकर 150 लोग बिना जांच कराए सीमा से ही यूपी को लौट गए। सुबह से शाम तक महज 25 लोगों ने ही कोरोना जांच कराई थी और सभी की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी।
मुख्य सचिव के आदेश के बाद यूपी और उत्तराखंड की रामपुर सीमा पर मंगलवार से कोरोना जांच शुरू हुई थी। शुरूआत के दो दिन जांच को सरकारी कर्मचारियों की ओर से निशुल्क किया गया था। बृहस्पतिवार को कोरोना जांच की जिम्मेदारी सीएमओ स्तर से निजी लैब संचालकों के हाथों में दे दी गई। सीमा पर रेड जोन से आने पर सभी लोगों की कोरोना जांच होनी है।
रामपुर सीमा पर एक निजी पैथोलॉजी लैब के कर्मचारियों की ओर से जांच की गई। एक युवक की जांच के लिए 1050 रुपये शुल्क रखा गया था। सीमा पर कारों से पहुंचने वाले 25 लोगों ने कोरोना की जांच कराने के बाद राज्य में प्रवेश किया। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर लोग शुल्क अधिक होने पर सरकार व प्रशासन को कोसते हुए वापस चले गए। लैब के कर्मचारी गौरव शर्मा ने बताया कि सीमा पर 25 लोगों की कोरोना जांच हुई और इन लोगों से कुल 26,250 रुपये शुल्क लिया गया।
गजरौला से रोडवेज की बस में सवार होकर सीमा पर पहुंचा ही था कि पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। रेड जोन से आने पर कोरोना जांच कराने को कहा। जांच के लिए 1050 रुपये नहीं थे इसलिए वापस जाना पड़ा। आमिर, गजरौला
सीमा पर कोरोना जांच के नाम पर महंगी फीस ली जा रही है। सरकार की ओर से दिए गए आदेश में 800 से 900 रुपये तक लेने की बात कही गई थी। कोरोना जांच महंगी होने पर गरीब लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। रियासत, दिल्ली
रामपुर से दो बच्चों को लेकर सितारंगज मायके जा रही थी लेकिन सीमा पर रोक दिया गया। तीनों की कोरोना जांच कराने के लिए 3150 रुपये मांगे जा रहे थे। रुपये नहीं होने पर वापस जाना बेहतर है। रेनू, रामपुर
सीमा पर कोरोना जांच कराना अच्छी बात है लेकिन इतना शुल्क गरीब लोग कहां से देंगे। मैं अपनी देवरानी के साथ आ रही थी तो कोरोना जांच कराने के लिए कहा गया। इतने रुपये देने से तो वापस जाना अच्छा है। नूर जहां, मुरादाबाद
कोरोना जांच के लिए सीमा पर फीस लेने का आदेश शासन स्तर से जारी हुआ है। फिलहाल यह शुल्क लोगों को देना ही होगा। सीमा पर कोरोना जांच का कार्य निजी कंपनी को दिया है। डॉ. देवेंद्र सिंह पंचपाल, सीएमओ
सीमा पर बन गया अस्थायी बस अड्डा
रुद्रपुर। उत्तराखंड सीमा पर पाबंदी का असर रोडवेज बसों के संचालन पर भी नजर आ रहा है। यूपी, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से आने वाली रोडवेज की बसों को रामपुर सीमा पर ही रोका जा रहा है। इससे सीमा पर अस्थायी अंतरराज्यीय बस अड्डा बन गया है। उत्तराखंड से यूपी और अन्य राज्यों को जा रहे लोगों को रामपुर सीमा तक पहुंचाने के लिए टेंपो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। टेंपो चालक सीमा से बस स्टेशन तक छोड़ने और लाने की एवज में 50 से 100 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। शुरुआत में रुद्रपुर डिपो से रामपुर सीमा तक प्रतिदिन दो बसों का लगातार संचालन हो रहा था लेकिन कई दिनों से इन बसों का संचालन रोक दिया गया है।
रामपुर सीमा के लिए रुद्रपुर डिपो की दो बसें संचालित हो रही थी लेकिन अभी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार या शनिवार तक रामपुर सीमा तक बसों का संचालन पूर्ववत कर दिया जाएगा।
राकेश कुमार, एआरएम
रुद्रपुर की रामपुर सीमा पर एक व्यक्ति की कोरोना जांच करता निजी लैब कर्मी।- फोटो : RUDRAPUR