केदारनाथ यात्रा में हेलीकाप्टर से धाम पहुंचाने को लेकर यात्रियों से टिकट दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरपफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेश करने के बाद शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया है। इधर, पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने इस कार्य के लिए पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का ईनाम की घोषणा की है।
शुक्रवार को गुप्तकाशी में मध्य प्रदेश के सात यात्रियों के दल ने तहरीर दी कि उनसे एक व्यक्ति ने 45,500 रुपये लेकर केदारनाथ के लिए हेलीकाप्टर का टिकट दिलाने की बात कही थी। रुपये लेने के बाद से वह गायब है। दल ने उस व्यक्ति का फोटो और मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिया। पुलिस ने मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया, जिसमें उसकी लोकेशन ऋषिकेश पाई गई।
पुलिस अधीक्षक मीणा ने वहां की पुलिस को मामले से अवगत कराया। कुछ ही देर में मुनिकिरेती पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। इस दौरान गुप्तकाशी थाना प्रभारी जयपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में टीम ऋषिकेश पहुंची और आरोपी पुनीत बी रावल पुत्र भूपेंद राय रावल, सुरेंद्र नगर गुजरात निवासी को रात को ही रुद्रप्रयाग लाया गया। आरोपी की ओर से 7 जून को भी गुजरात के 10 यात्रियों से 97 हजार 700 रुपये की ठगी की गई थी। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
ऐसे आया ठगी का प्लान दिमाग में
आरोपी का कहना है कि वह मई माह में केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंचा था। यहां हेलीकाप्टर से धाम जाने के लिए उमड़ी भीड़ देखी तो हवाई सेवा के नाम पर रुपये कमाने का प्लान बनाया। यहां से गुजरात लौटकर वहां इस विषय में प्लान तैयार किया और फर्जी एविएशन आफिसर के रूप में जून प्रथम सप्ताह पुन: गुप्तकाशी पहुंचा। 7 जून को गुजरात के 10 यात्रियों के दल को ठगने के बाद वह लौट गया और फिर चार दिन पहले पुन: गुप्तकाशी पहुंचा। उसने इस बार मध्य प्रदेश के यात्री ठगे। पुलिस के मुताबिक दोनों बार उसने अपना हुलिया बदला हुआ था। आरोपी का अपनी पत्नी से तलाक है और कुछ समय से अलग रह रहा था।