आजादी के 68 वर्ष बाद जिले का अंतिम गांव गौंडार भी बिजली की रोशनी से जगमग हो गया है।
मधु गंगा पर उरेडा द्वारा बनाई गई 100 किलोवाट की गौंडार लघु जल विद्युत परियोजना का शुक्रवार को केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत, जिलाधिकारी डा. राघव लंगर और ग्राम प्रधान सुमन पंवार ने उद्घाटन किया। इस योजना से गांव के 80 परिवारों को लाभ मिलेगा।
बता दें कि वर्ष 2013 में ऊर्जा निगम से उरेडा को हस्तांतरित इस लघु जल परियोजना के निर्माण पर दो करोड़ 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
इसमें 90 प्रतिशत धानराशि भारत सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार ने दी है। निर्माण में बागनाथ इंटर प्राइजेज बागेश्वर ने भी सहयोग किया है। यह संस्था आगामी पांच वर्ष तक परियोजना की देखरेख भी करेगी।
करीब ढाई वर्ष में बनी इस परियोजना में 50-50 किलोवाट की दो टरबाइन बनाई गई हैं।
गांव को विद्युत सप्लाई के लिए पांच ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। गांव में 15 परिवारों को विद्युत कनेक्शन देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी यहां वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्युत सप्लाई की जा रही है।
उरेडा की ओर से एनके गर्ग ने बताया कि परियोजना की देखरेख के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
योजनाओं पर तेजी से होगा काम
गौंडार। विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि गौंडार के ग्रामीणों को भले ही लंबा इंतजार करना पड़ा हो, पर अब बिजली सुविधा मिलने से यहां की अन्य विकास योजनाओं पर भी तेजी से कार्य होगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे गांव के विकास के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें। प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगी।
जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने कहा कि द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के मुख्य पड़ाव गौंडार के विकास के लिए प्रशासनिक स्तर से वे हरसंभव प्रयास करेंगे।
ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित ग्रामीणों ने विधायक और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व प्रधान आलम सिंह पंवार, कार्तिक सिंह पंवार, महावीर सिंह पंवार, कमल सिंह पंवार, शारदी देवी, डीएस पटवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
गौंडार में पहली बार पहुंचे डीएम
गौंडार। डीएम डा. राघव लंगर पहले ऐसे डीएम हैं, जो गौंडार गांव पहुंचे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को हाथ जोड़कर जिस तरीके से अभिनंदन किया उसे देख ग्रामीण गदगद हो उठे।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह कहने की जरूरत नहीं है कि वे किन हालात में जी रहे हैं। डीएम ने कहा कि गौंडार तक सड़क, स्वास्थ्य सहित अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए वे स्वयं अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करेंगे।
उन्होंने ग्रामीणों को मनरेगा सहित अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस मौके पर गांव में 16 वर्ष से प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल में तैनात शिक्षकाें की भी डीएम ने प्रशंसा की।
डीएम ने गांव का होम स्टे योजना में विकास करने और जैविक कृषि के तहत विभागों को उचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए। डीएम ने कहा कि रांसी से मद्महेश्वर ट्रेक को विकसित करने से गांव को भी लाभ मिलेगा।