माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त रहे अतिथि शिक्षकों ने फिर नियुक्ति की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने कई स्थानों पर प्रदर्शन भी किया।
रुद्रप्रयाग। अंबेडकर महासभा ने अतिथि शिक्षकों को पुन: नियुक्ति देने के लिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। महासभा के महामंत्री कपूर आर्य का कहना है कि माध्यमिक विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मानकों के तहत की गई है। पहले 89 दिन के अनुबंध की बात कही गई। बाद में नवंबर और फिर फरवरी में अनुबंध बढ़ाकर पुन: नियुक्ति दी। अब 31 मार्च को बिना किसी कारण हटाने से वे बेरोजगार हो गए हैं।
कीर्तिनगर। सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में सेवा कर चुके अतिथि शिक्षकों ने पुन: नियुक्ति की मांग के लिए मोलू भरदारी पार्क में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अगस्त 2015 में प्रदेश सरकार ने उनको शिक्षकविहीन विद्यालयों में भेजा। मार्च माह में उनका अनुबंध समाप्त होने के बाद वह खाली हैं। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार अनुबंध समाप्ति के एक दिन के व्यवधान के बाद पुन: नियुक्ति का प्रावधान है। वर्तमान में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम से शासन ने इस बाबत पुन: कोई आदेश जारी नहीं किया है। इससे उनकी पुन: नियुक्ति में बाधा हो रही है। प्रदर्शनकारियों में प्रधान संगठन के अध्यक्ष वासुदेव भट्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला, अतिथि शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अमित जोशी, महासचिव महिपाल नेगी, सीमा भारती और लता आदि शामिल थे।
गोपेश्वर। घाट ब्लाक मुख्यालय पर हुई अतिथि शिक्षक संघ की बैठक में संरक्षक माधोराम ने कहा कि पूर्व में सरकार के साथ आगे भी 89 दिनों के लिए अनुबंध करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब शिक्षा सत्र शुरू होते ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। निर्णय लिया गया यदि दस अप्रैल तक अतिथि शिक्षकों को विद्यालयों में पठन-पाठन के लिए नहीं भेजा गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर संघ के संरक्षक माधोराम, मंगली राम, सोहन कठैत, कुलदीप नेगी, जयवीर, दिग्पाल, वीरा मैंदोली, पूजा पुरोहित, रेखा, रश्मि, प्रीति, राकेश, कमल सिंह, हिम्मत, मनोज, नरेंद्र और नंद किशोर आदि मौजूद थे।
नई टिहरी। अतिथि शिक्षक संघ की बैठक में नियुक्ति अनुबंध नहीं बढ़ाने पर रोष जताया।
नरेंद्रनगर के अतिथि शिक्षकों ने बैठक में कहा कि जबसे उनकी तैनाती स्कूलों में हुई है, तब से दूरस्थ क्षेत्र के स्कूलों में भी शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार आया था। सरकार ने भी अतिथि शिक्षकों की सेवाएं निरंतर बनाए रखने की घोषणा की थी, लेकिन राष्ट्रपति शासन लगते ही उनकी सेवाएं समाप्त हो गई है। बैठक में ब्लाक अध्यक्ष हरेंद्र राणा, प्रमोद बिजल्वाण, अजय कुमार, शंभू प्रसाद, दुर्गेश, अरुण, पूनम आदि मौजूद थे।