फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवान मदमहेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए बंद

Tue, 24 Nov 2015 04:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ऊखीमठ।
विज्ञापन
विज्ञापन
 मंगलवार को प्रात: 6 बजे से मद्महेश्वर धाम में मुख्य पुजारी बागेश लिंगने कपाट बंद होने की विशेष पूजा शुरू की गई। प्रात: 6.30 बजे मंदिर के गर्भगृह में स्थित स्वयं-भू लिंग को समाधि रूप दिया गया। इसके बाद विशेष पूजा की गई। इस मौके पर भक्तों ने भगवान का जलाभिषेक कर दर्शन किए।
विज्ञापन


प्रात: 9 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठान के बीच द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर की परिक्रमा के उपरांत भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली ने धाम में मौजूद अपने बर्तनों का निरीक्षण कर, प्रात: 9.30 बजे शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।


भगवान मदमहेश्वर की डोली खटरा, मैखुमा, नानू होते हुए दोपहर 12.30 बजे प्रथम पड़ाव गौंडार गांव पहुंची। यहां पर डोली का भव्य स्वागत किया गया। मुख्य पुजारी द्वारा डोली की पूजा-अर्चना और आरती की गई। डोली के साथ तहसीलदार एसपी उनियाल, लोनिवि जेई मातवर रावत, दिनेश बगवाड़ी, डोली प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण, भगवती शैव, वीरेश्वर शैव, नवीन मैठाणी सहित धाम के हक-हकूकधरी मौजूद थे।
विज्ञापन



शीतकालीन गद्दी स्थल आगमन के तहत द्वितीय भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली 25 नवंबर को दूसरे पड़ाव रांसी गांव, 26 नवंबर को तीसरे पड़ाव गिरीया गांव और 27 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां मंदिर के गर्भगृह में भगवान मदमहेश्वर की डोली को विराजमान होगी। छह माह यहां भक्त अपने भगवान की पूजा-अर्चना कर दर्शन करेंगे।
विज्ञापन




विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें