केदारनाथ से बाबा केदार के दर्शन कर परिवार के साथ लौट रही 19 वर्षीय युवती खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ व पुलिस द्वारा रेस्क्यू कर घायल युवती को सोनप्रयाग लाया गया।
जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरी ओर डीएम ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए गौरीकुंड से केदारनाथ तक अपराह्न तीन बजे के बाद एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव पर आवाजाही बंद करने के निर्देश दिए हैं।
बीते बुधवार को भूमिका श्रीमाली (19) पुत्री रमेश चंद्र श्रीमाली, निवासी उदयपुर, राजस्थान अपने परिवार के साथ बाबा केदार के दर्शन कर पैदल मार्ग से लौट रही थी। देर शाम लगभग सवा सात बजे चिरबासा के समीप युवती का पैर फिसल गया, जिससे वह गहरी खाई में जा गिरी। सूचना पर यात्रा मैनेजमेंट फोर्स, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ व पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और रस्सी के सहारे खाई में उतरे।
लगभग एक घंटे बाद गंभीर रूप से घायल युवती को रेस्क्यू कर रास्ते में लाया गया। और फिर उसे तत्काल अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनप्रयाग पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि युवती रास्ते के किनारे-किनारे आ रही थी। चिरबासा में अचानक पैर फिसलने से वह अनियंत्रित होकर रास्ते से लगभग पचास मीटर नीचे खाई में जा गिरी।
उन्होंने बताया कि अगर रास्ते के किनारे रेलिंग होती तो संभवत: यह दुर्घटना नहीं होती। इधर, जिलाधिकारी वंदना सिंह ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए गौरीकुंड से केदारनाथ तक अपराह्न तीन बजे के बाद एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव पर आवाजाही बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को पैदल मार्ग का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थानों का चिहिृृत करने को कहा है।