पुजारी और स्थानीय लोगों ने मलबा किया साफ
कहा- आपदा के बाद से नहीं हो पाए हैं सुरक्षा के इंतजाम, अब जाएंगे कोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गुप्तकाशी। केदारघाटी में मंगलवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से गौरीकुंड स्थित गौरी माई मंदिर परिसर में बरसाती मलबा घुस गया। बुधवार सुबह जब पुजारी और अन्य लोग यहां पहुंचे तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद परिसर में जमा मलबे को साफ किया गया। स्थानीय हक-हकूकधारी लोगों का कहना है कि आपदा के एक दशक बाद भी गौरीकुंड की सुध नहीं ली गई है। उन्होंने मंदिर की सुरक्षा के लिए कोर्ट जाने की बात कही।
पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से केदारघाटी के लोगों को मंगलवार रात को हुई बारिश ने राहत दिलाई। मगर मूसलाधार बारिश के कारण बरसाती मलबा व कूड़ा गौरीकुंड स्थित गौरी माई मंदिर में घुस गया। यहां परिसर सहित आसपास कीचड़ और कचरा जमा होने से बुधवार को मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतें हुईं। मंदिर के पुजारी गौरी शंकर गोस्वामी के साथ अन्य लोगों ने मंदिर परिसर में जमा मलबा और अन्य कचरा साफ किया। पुजारी गोस्वामी ने बताया कि जून 2013 की आपदा के बाद से गौरीकुंड में सुरक्षा व सुविधाओं की सुध नहीं ली जा रही है। बाजार के ऊपरी तरफ तरफ घोड़ा पड़ाव क्षेत्र से बरसाती पानी मलबे के साथ सीधे मंदिर क्षेत्र में आ जाता है जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विधायक, प्रशासन और अन्य लोगों को कई बार समस्या बताने के बाद भी स्थिति जस की तस है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के अधीन होने के बाद भी यहां सफाई व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं हैं। गौरी माई मंदिर की सुरक्षा के लिए वह न्यायालय की शरण में जाएंगे।
बिना बारिश के ही ढह गया सड़क का पुश्ता
गैरसैंण। माईथान के पास खीड़ा मार्ग पर गंगानगर के समीप बुधवार को सड़क किनारे का पुश्ता अचानक बिना बारिश के ही ढह गया। साथ ही सड़क पर दरारें भी आ गईं। ग्रामीण बलवंत सिंह नेगी और भरत मढ़वाल ने बताया कि पुश्ता ढहने से यहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी है। कहा कि इस सड़क से भारी वाहन, उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें भी संचालित होती हैं। उन्होंने लोनिवि से सड़क किनारे सुरक्षा की मांग की। संवाद