उत्तर भारत के एकमात्र कार्तिक स्वामी मंदिर के मुख्य पड़ाव कनकचौरी में तीन वर्ष से अधर में लटके गढ़वाल मंडल विकास निगम के भवन निर्माण की उम्मीद जग गई है। निगम द्वारा भवन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए भूमि हस्तांतरण समेत अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कनकचौंरी में 2015 में जीएमवीएन द्वारा 1 करोड़ 98 लाख की लागत से दो मंजिला प्री-फेब्रिकेटेड भवन स्वीकृत किया गया था। वर्ष 2016 में गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब छह माह में निर्माणदायी संस्था द्वारा 68 लाख रुपये खर्च कर भवन की पहली मंजिल का ढांचा तैयार किया गया, लेकिन भूमि हस्तांतरण नहीं होने के कारण वन विभाग द्वारा कार्य रोक दिया गया। तब से भवन का कार्य ठप पड़ा है, जिस कारण लाखों की निर्माण सामग्री खराब हो रही है, लेकिन तीन वर्ष बाद एक बार फिर विश्राम गृह का निर्माण पूरा होने की उम्मीद जग गई है। गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा भूमि हस्तांतरण के लिए वन विभाग को फाइल भेजी जा चुकी है। साथ ही साथ केंद्र सरकार द्वारा भी भूमि हस्तांतरण के लिए हरी झंडी दे दी है। इधर, राज्य सरकार ने भी दो मंजिला भवन को पूरा करने के लिए 98 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष शत्रुघन सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह नेगी, प्यार सिंह नेगी का विश्राम गृह बनने से कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जहां रहने व भोजन की सुविधा मिलेगी। वहीं यात्रा को भी गति मिलेगी।
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कनकचौंरी में भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई एक माह में पूरी हो जाएगी। इसके बाद प्राथमिकता से दो मंजिला भवन निर्माण कार्य शुरू करते हुए फरवरी 2020 तक पूरा कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने भी 98 लाख रुपये जारी किए हैं।
- गंभीर सिंह बिष्ट, डीजीएम, जीएमवीएन