केदारनाथ में रात को चार हजार यात्री ठहर सकेंगे। इसके लिए जीएमवीएन और एसडीआरएफ ने धाम में टेंटों की संख्या बढ़ा दी है। छानी कैंप में यात्रियों के ठहरने की जिम्मेदारी निजी संस्थाओं को दी गई है।
इस वर्ष 9 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में अपेक्षा से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। 24 दिन में ही 1 लाख 60 हजार से अधिक यात्री अब तक बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। पिछले 15 दिन से धाम में प्रतिदिन दर्शन करने वालों की संख्या साढ़े आठ हजार से अधिक बनी हुई है।
केदारनाथ में भी पिछले सप्ताह से रात को ठहरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। यात्रियों को ठहराने के लिए निगम की ओर से बेस कैंप, एमआई-26 हेलीपैड सहित अन्य स्थानों 160 तथा पुलिस और एसडीआरएफ की ओर से 75 टेंट लगाए गए हैं।
इसके अलावा हेलीपैड पर यूपी निर्माण निगम की ओर से बनाए जा रहे 120 कॉटेज में 40 सहित पहले से बने 20 कॉटेजों पर यात्रियों को ठहराया जा रहा है। गौरीकुंड से लेकर जंगलचट्टी, भीमबली और लिनचोली में भी श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम बढ़ा जा रहे हैं।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था के साथ-साथ एसडीआरएफ के साथ गौरीकुंड और केदारनाथ में यात्रियों को ठहराने के लिए 85 टेंट लगाए गए हैं। मैं स्वयं समय-समय पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा हूं।
- पीएन मीणा, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग
केदारनाथ में 160 से अधिक टेंट लगाए जा चुके हैं। यात्रा बढ़ने के साथ इन्हें बढ़ाया जाएगा। समय-समय पर अधिकारियों की ओर से व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। पड़ावों पर भी व्यवस्था बेहतर की जा रही है।
- डीपीएस नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम