केदारनाथ में पुलिस द्वारा चार वर्ष पूर्व तैयार की गई ब्रह्मवाटिका को वन विभाग ने टेकओवर कर लिया है। विभाग की टीम ने वाटिका का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
बीते 29 जुलाई को केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर के नेतृत्व में विभागीय टीम ने केदारनाथ पहुंचकर ब्रह्मवाटिका का वृहद निरीक्षण किया। टीम को वाटिका में ब्रह्मकमल की 10, भोजपत्र की आठ और रुद्राक्ष की दो पौध मिली। ब्रह्मवाटिका के संरक्षण के लिए योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने धाम में मौजूद पुलिस टीम का हवाला देते हुए बताया कि वाटिका में ब्रह्मकमल के 80 क्लोन लगाए गए थे, जिसमें 10 पौध तैयार हुई हैं, और सिर्फ एक सुरक्षित है। रुद्राक्ष और भोजपत्र की पौधे स्वस्थ हैं। प्रभागीय स्तर पर अब वाटिका को संरक्षित करते हुए इसे धरोहर के रूप में विकसित किया जाएगा। यात्राकाल में वाटिका आकर्षण का केंद्र बने, इसके लिए नियमित देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इस वर्ष मई में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल अजय रौतेला ने वन विभाग के अनुसंधान वृत्त हल्द्वानी के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी को पत्र लिखकर ब्रह्मवाटिका को टेकओवर करने के लिए कहा था। जिस पर, वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए वाटिका को अपने अधीन ले लिया है। डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर/चमोली अमित कंवर का कहना है कि केदारनाथ में पुलिस द्वारा तैयार की गई ब्रह्मवाटिका को टेकओवर कर लिया गया है। वाटिका का संरक्षण कर उसे आकर्षिक रूप दिया जाएगा। साथ ही ब्रह्मकमल के संरक्षण के लिए केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ में भी एक-एक नर्सरी तैयारी की जाएंगी। अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर भी नर्सरी के लिए जगह देखी जा रही है।