भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं को जानने के लिए पांच देशों से आए करीब 60 विदेशी सैलानियों का दल 108 स्वामी सच्चिदानंद वेद भवन संस्कृत महाविद्यालय में पहुंचा। महाविद्यालय शिक्षकों की ओर से इन विदेशी सैलानियों को वेद, पुराणों व सनातन धर्म से जुड़ी अन्य धार्मिक गतिविधियों से रूबरू करवाया।
संस्कृत महाविद्यालय पहुंचे विदेशी पर्यटकों के दल का महाविद्यालय परिवार व छात्रों ने भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के वेदाचार्य डा. राम प्रसाद के नेतृत्व में छात्रों ने सस्वर वेद पाठ किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुरेश बहुगुणा ने विदेशी अतिथियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं व वेद पुराणों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए भारत की वसुधैव कुटुंबकम भावना से अवगत कराया। शिवानंद गिरी ने कहा कि महाविद्यालय पहुंचे सभी अतिथि अपने-अपने देश में जाकर इस भाई चारे के संदेश को पहुंचाएंगे।
ऋगवेद के बारे में बताते हुए कहा कि 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस भी इसी वेद के आधार पर है। दल में जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन समेत पांच देशों के 60 के करीब पर्यटक पहुंचे थे। इस मौके पर आचार्य शशिभूषण, जयप्रकाश गौड, देवी प्रसाद नौटियाल, आचार्य सुखदेव प्रसाद सिलोड़ी आदि लोग मौजूद थे।