पंतनगर में आयोजित कार्यशाला में मौजूद वैज्ञानिक, शिक्षक व विद्यार्थी।
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पंतनगर। विवि के कृषि महाविद्यालय के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से बुधवार को ‘खाद्य प्रसंस्करण एवं खाद्य विज्ञान शिक्षा में उभरते मुद्दे’ विषय पर दो दिनी राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हो गई है।
उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के कार्यवाहक अधिष्ठाता डॉ. एचएस चावला ने कहा कि देश में भूख और कुपोषण को दूर करने के लिए जरूरी है कि सभी को न केवल भरपेट भोजन मिले। ऐसा भोजन मिले जो पौष्टिक एवं सुरक्षित भी हो। देश में खाद्यान्न का उत्पादन तो पर्याप्त हो रहा है, लेकिन क्रय शक्ति घटने से लोग स्वास्थ्यवर्धक एवं सुरक्षित भोजन पर्याप्त मात्रा में नहीं ले पा रहे हैं। देश की 14.5 प्रतिशत जनता को भरपेट पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता है। लाखों बच्चे कुपोषण की चपेट में हैं और उनका वजन सामान्य से कम है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सलिल तिवारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से वर्ष 2030 तक सभी देशों को भूख और कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। भारत इस लक्ष्य को तभी पा सकेगा, जब आम आदमी की गरीबी दूर होगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का सशक्तिकरण होगा।
विभागाध्यक्ष डॉ. सीएस चोपड़ा, प्राध्यापक डॉ. एके शर्मा, डॉ. अर्चना कुशवाहा ने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए किसानों तथा आम जनता को प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। इसके अलावा डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. विपुल कुमार गुप्ता, डॉ. एसके शर्मा ने भी व्याख्यान दिए। वहां खाद्य सुरक्षा पोस्टर, आदर्श वाक्य, प्रश्नोत्तरी आदि विभिन्न प्रतियोगिताएं तथा पैनल चर्चा भी आयोजित की गईं। कार्यशाला में विवि के वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।