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मद्महेश्वर मेला की पहली सांस्कृतिक संध्या में लोक कवियों ने जमाए रंग

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ऊखीमठ में तीन दिवसीय मद़्महेश्वर मेला की पहली सांस्कृतिक संध्या में ऊषा ग्रुप के कलाकार गढ़वाली - फोटो : RUDRAPRYAG
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तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या ऊषा ग्रुप ऊखीमठ और नवाकुंर गढ़ साहित्य कला मंच के नाम रही। इस दौरान बाबा हमारी शान छन, बाबा हमार मान छ.. मनखी, बदली जमानू, अब नी सुणैंदी ग्वैरू की बसुरी, घसेरू का गीत.. गाकर कलाकारों ने रंग जमाया।
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जीआईसी मैदान में आयोजित मेला की पहली सांस्कृतिक संध्या में रजनीकांत मैठाणी, नवीन मैठाणी एवं कविता भट्ट के निर्देशन और गिरीश नौटियाल व भुवनेश भट्ट के गायन में घटोतकच-भीम मिलन नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। स्व. शिव प्रसाद कैशिव द्वारा गढ़वाली में रचित नाटक में पात्रों के अभिनय ने दर्शकों को देर रात्रि तक पांडाल में बांधे रखा। दीपक नेगी, मुकेश नेगी, अर्जुन रावत, प्रेमा बर्त्वाल, सरस्वती धिरवाण श्याम सिंह बिष्ट और शंकर स्वामी के अभिनय और संवाद अदायगी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इससे पूर्व सांस्कृतिक संध्या नवांकुर गढ़ साहित्य एवं कला मंच के लोक कवि सम्मेलन के नाम रही। इस मौके पर कवियों ने सामाजिक, राजनीतिक मुद्दों कविता पाठ कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। मेला की पहली सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ नपं अध्यक्ष विजय सिंह राणा ने किया। इसके बाद नवांकुर गढ़ साहित्य एवं कला मंच द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। लोक कवि संदीप वशिष्ठ के संचालन में नंदन राणा ने बाबा हमारी शान छन, बाबा हमार मान छ, विजय क्रपवाण ने बदली मनखी, बदली जमानू, अब नी सुणैंदी ग्वैरू की बसुरी, घसेरू का गीत, अजय नौटियाल ने जांदि छै तु मैं थैं छोड़ि जा तु चलि जा, यू अपड़ी माया का जगदा द्यू भी बुझे जा.., राजपाल पंवार ने जब बिटि तू पूरदेश गैई, संत खबर तेरी नी ऐई, रजनीकांत मैठाणी ने हमुनै जितैन और हमारा चाड़ा पड्या.., गोविंद पंवार ने अंगडाइयों से न रातें कटेंगी, उत्साह का रवि जगगाना पड़ेगा, मनोज बिष्ट ने खाली दिमाग शैतान कुछ हुंद, यू औखाणा यख सच ह्वौंण लग्या छन, कविता पाठ से दर्शकों को खूब हंसाया। लोक कवि अमित राणा, मधुर वदिन तिवारी, शशि देवली, नरेंद्र सिंह नेगी और दलवीर नेगी ने भी कविता पाठ किया। बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी ने कहा कि धार्मिक व पौराणिक विधाएं हमारी संस्कृति की पहचान है। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इस मौके पर आचार्य विजय प्रसाद मैठाणी, रंगकर्मी डा. राकेश भट्ट, नपं अध्यक्ष विजय राणा, प्रकाश रावत, विजेंद्र नेगी, कैलाश पुष्वाण, चंद्रमोहन उखियाल, संदीप पुष्पवाण आदि मौजूद थे।

खीमठ में मद्महेश्वर मेला के दूसरे दिन उमड़ी मेलार्थियों की भीड़।- फोटो : RUDRAPRYAG

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