जनपद में 718 महिला मतदाताओं के साथ ही बीते पांच वर्ष में 2108 वोटर बढ़े हैं। इस बार रुद्रप्रयाग व केदारनाथ विधानसभा चुनाव में 178778 मतदाता 311 पोलिंग बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। विधायक विहीन जिले में आगामी विधानसभा चुनाव कई मायनों में खास है।
एक तरफ जहां दोनों सीटों पर स्थायी प्रतिनिधित्व का सवाल है। वहीं आपदा के बाद बदले हालात को सुधारने की चुनौती। ऐसे में जिले के हर एक मतदाता का वोट महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी तरफ उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से हुए सभी चुनावों में यहां महिला मतदाताओं की संख्या अधिक रही है।
वर्ष 2012 में जहां जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर 89025 महिला मतदाता थी। वहीं इस बार यह संख्या 89748 पहुंच गई है, इनमें अधिकांश ऐसे हैं, जो पहली बार वोट दे रहे हैं। दूसरी तरफ जिले में 18 से 40 उम्र के 95833 वोटर हैं, जो दोनों सीटों पर भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य प्रत्याशियों के चुनावी गणित के गुणा-भाग में अहम रोल अदा करने वाले हैं। इन वोटर पर सभी की नजरें टिकी हैं। जिले में 3146 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक हैं।
119 मतदाताओं वाला पोलिंग बूथ तोषी
रुद्रप्रयाग। जिले में सबसे कम मतदाता संख्या वाले पोलिंग बूथ तोषी और पपडासू हैं। वहीं अधिक मतदाता वाले बूथों में अगस्त्यमुनि व रुद्रप्रयाग शामिल हैं। केदारनाथ विधानसभा में 149 और रुद्रप्रयाग में 162 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
इनका कहना है -
जिले में अधिक से अधिक मतदान हो, इसके लिए मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। बीएलओ को मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने तक वंचित वोटर को शामिल करने को कहा गया है।
-- रंजना, जिला निर्वाचन अधिकारी रुद्रप्रयाग