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वीआईपी ड्यूटी पर रहे थाना प्रभारी की सड़क हादसे में मौत

Wed, 18 Jan 2017 10:26 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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रुद्रप्रयाग के सोनप्रयाग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राम कुमार जुयाल की सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत। - फोटो : amar ujala.
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सोनप्रयाग के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार जुयाल की बुधवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। जुयाल वीआईपी ड्यूटी पर देहरादून जा रहे थे, तभी रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर काकड़ागाड़ के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त होकर मंदाकिनी नदी में जा गिरी। पांच घंटे के रेस्क्यू के बाद नदी से उनका शव निकाला जा सका। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग लाया गया है। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है।
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प्राप्त विवरण के मुताबिक इंस्पेक्टर रामकुमार जुयाल पुत्र पितांबर दत्त जुयाल सोनप्रयाग से बुधवार सुबह आठ बजे अपनी कार से देहरादून के लिए निकले थे। कार स्वयं ही ड्राइव कर रहे थे। 10 बजे के करीब वे काकड़ागाड़ पहुंचे ही थे कि उनकी कार अनियंत्रित होकर सीधे मंदाकिनी नदी में जा गिरी।

घटनास्थल क्षेत्र में नदी का तल गहरा होने से कार तेजी से डूबने लगी जिससे जुयाल भी पानी में  डूब गए और उनकी मौत हो गई। सूचना पर ऊखीमठ और गुप्तकाशी की पुलिस टीम के साथ ही रुद्रप्रयाग से पुलिस अधीक्षक, सीओ सहित अन्य पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। एसपी पीएन मीणा के नेतृत्व में चले रेस्क्यू में अपराह्न तीन बजे नदी से उनका शव बरामद किया गया। कार का अभी तक पता नहीं चल सका है।
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वीआईपी ड्यूटी के बहाने बच्चों को भी मिल लूंगा ....
‘चलो ये भी ठीक हुआ, देहरादून में वीआईपी ड्यूटी लग गई, अब अपने परिवार से मिल लूंगा... ’ इंस्पेक्टर राम कुमार जुयाल ने ये शब्द, मंगलवार शाम को वीआईपी ड्यूटी का आदेश मिलने पर अपने स्टाफ से कहे थे। वे बहुत खुश थे कि देहरादून जाकर अपनी 10 वर्षीय बेटी और सात वर्षीय बेटे से मिल सकेंगे, लेकिन काल को शायद यह मंजूर न था। सोनप्रयाग से रवाना होने के दो घंटे बाद ही सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।
वर्ष 1998 बैच के एसआई 47 वर्षीय राम कुमार जुयाल पौड़ी जनपद के आमसौड़ी गांव के रहने वाले थे, लेकिन पिछले कई वर्षो से वे देहरादून में ही परिवार के साथ रह रहे थे। चार भाइयों में दूसरे जुयाल वर्ष 1998 में बैंक की नौकरी छोड़कर पुलिस विभाग में आए थे। अलग-अलग कोतवाली/थानों में नौकरी करते हुए जुयाल सात मई 2016 को ट्रांसफर पर रुद्रप्रयाग पहुंचे। कुछ दिन रुद्रप्रयाग कोतवाली का चार्ज भी संभाला।

बीते वर्ष अक्तूबर में इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति मिलने के बाद उन्हें सोनप्रयाग का थाना प्रभारी बना दिया गया। अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के साथ समय के पाबंद जुयाल नौकरी के पहले दिन से ही अपने अधिकारियों के प्रिय रहे।

दस दिन पूर्व उन्हें सोनप्रयाग से देहरादून संबद्ध कर दिया गया था, लेकिन चुनाव ड्यूटी के चलते तीन-चार दिन बाद ही उन्हें पुन: सोनप्रयाग लौटना पड़ा। गुप्तकाशी के थाना प्रभारी विपिन चंद्र पाठक ने बताया कि जुयाल धार्मिक प्रवृत्ति के साथ ही ज्योतिष पर विश्वास करते थे। उन्होंने बताया था कि अब तक उनके जीवन में जो भी अच्छा-बुरा घटित हुआ था, उन्हें इसका आभास पहले हो जाता था। आठ दिन पहले ही जुयाल ने पाठक से कहा कि यार, आने वाले सात दिनों में मेरे साथ कुछ हो सकता है। जब पूछा कि क्या, तो बोलते-बोलते चुप हो गए और अंतिम तीन शब्दों में कहा... तुम्हें पता चल जाएगा।

पुलिस महकमे में शोक
रुद्रप्रयाग। हादसे के बाद से पूरे पुलिस महकमे में शोक व्याप्त है। पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर जुयाल की मौत पर गहरा दु:ख प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी टीम का कर्तव्यनिष्ठ और समय का पाबंद अधिकारी खो दिया है। पुलिस उपाधीक्षक श्रीधर प्रसाद रुडोला ने कहा कि जुयाल जैसे जुझारू इंस्पेक्टर खुश किस्मत अधिकारियों को मिलते हैं। उनका असमय इस तरह से जाना बेहद दुखद है।
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