रुद्रपुर/सितारगंज/किच्छा/गदरपुर। कृषि विधेयकों के खिलाफ बृहस्पतिवार को जिलेभर के किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर आक्रोश व्यक्त किया। रुद्रपुर में किसानों ने नैनीताल हाईवे पर जाम लगाकर डीडी चौक पर कृषि विधेयकों की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों के विरोध को देखते हुए गल्ला मंडी मार्ग पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। दोनों तरफ से आम लोगों के लिए आवाजाही रोक दी गई। आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही आढ़ती एसोसिएशन गल्ला मंडी के पदाधिकारियों ने भी शिरकत की।
शुक्रवार को गल्ला मंडी में ट्रैक्टरों से पहुंचे जिलेभर के किसानों ने अखिल भारतीय किसान संघ के बैनर तले विशाल सभा की। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि विधेयक किसान हित में नहीं है। इनके लागू होने के बाद खेती में उद्योगपतियों का दखल बढ़ जाएगा और किसान सिर्फ बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे।
किसानों को उद्योगपतियों की जरूरतों के हिसाब से खेती करनी पड़ेगी। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि किसानों के हित में कृषि विधेयकों का विरोध होना बेहद जरूरी है, यदि आज इनका विरोध न हुआ तो भविष्य में किसानों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मंडी व्यवस्था के खत्म होने से भी किसानों को नुकसान होगा।
किसानों की विशाल सभा को देखते हुए पुलिस ने गल्ला मंडी रोड के दोनों ओर बेरिकेडिंग कर दी। किसान नेताओं को समझाने के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी नोकझोंक भी हुईं। इसके बाद किसानों ने नैनीताल हाईवे पर इंदिरा चौक से लेकर डीडी चौक तक लंबा जमा दिया। किसानों ने डीडी चौक पर कृषि विधेयकों की प्रतियां जलाकर आक्रोश व्यक्त किया।
इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक नैनीताल हाईवे पर जाम की स्थिति रही। मौके पर एसपी क्राइम प्रमोद कुमार की अगुवाई में भारी फोर्स तैनात रही। वहां जगदीश सिंह, इकबाल सिंह चीमा, रूप सिंह, गणेश उपाध्याय, सुधीर साही, तजिंद्र विर्क, सुरेश पपनेजा, सीपी शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संदीप चीमा, कांग्रेस नेता सीपी शर्मा, अमनदीप सिंह, अरुण शुक्ला, संतोख सिंह, मक्खन सिंह, बलवीर सिंह, अमरीक सिंह, गुलजार सिंह, गुरजीत सिंह, जगतार सिंह, विवेकानंद विद्रोही, संजीव सिंह, करनैल सिंह, नारायण बिष्ट, राजेंद्र मक्कड़, गुरदयाल सिंह समेत सैकड़ों किसान थे।
उधर, सितारगंज में पूर्व विधायक नारायण पाल ने कार्यकर्ताओं के साथ अपने आवास पर विधेयक की प्रतियां जलाकर सरकार के काले कानून की मुखालफत की। वहां जत्थेदार त्रिलोक सिंह, मुगनी अहमद आदि थे।
भाकियू ने मंडी समिति में धरना प्रदर्शन करने के बाद जुलूस निकाला। वहां कांग्रेस के प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, किसान नेता साहब सिंह, संदीप सिंह, गुरसेवक सिंह, सुखचैन सिंह, कुलविंदर सिंह आदि थे। इधर, आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी बिल के विरोध में अमरिया चौराहे पर प्रदर्शन कर करीब दो घंटे तक हाईवे जाम कर दिया। वहां प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर, प्रदेश प्रवक्ता मयंक शर्मा, जोनल संगठन मंत्री प्रवीन कुमार, सितारगंज प्रभारी सोप्रीत भाटिया, नानकमत्ता के बिशन दत्त जोशी, अवतार सिंह, अब्दुल कादिर, हिमांशु पुंडीर, आमिर हुसैन, इंद्रजीत सिंह बंटी, नूरी हिना आदि थे।
उधर, किच्छा में बड़ी संख्या में किसान रुद्रपुर जाने के लिए नवीन अनाज मंडी पर एकत्र हुए। सूचना पर एसडीएम विवेक प्रकाश, सीओ सुरजीत कुमार, कोतवाल उमेश कुमार मलिक पुलिस बल के साथ मंडी पहुंचे और किसानों को जुलूस निकालने से रोका। बाद में किसानों व प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद बिना नारेबाजी के सोशल डिस्टेंस बनाकर मुख्य बाजार से निकलने पर सहमति बनी।
वहां अखिल भारतीय किसान संघ के रंजीत सिंह, मुमताज अहमद, आरिफ मलिक, बंटी पपनेजा, जगरूप सिंह, डॉ. गणेश उपाध्याय, विनोद कोरंगा आदि थे। वहीं, इससे पूर्व किसानों ने मंडी में विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध जाहिर किया। वहां किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश प्रताप सिंह, फिरदौस सलमानी, मेजर सिंह, गुड्डू तिवारी, सुरेश पपनेजा, सुखविंदर सिंह विर्क, अंग्रेज सिंह, परमजीत सिंह पम्मी आदि थे।
वहीं, गदरपुर में कृषि विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ की अगुवाई में तहसील मुख्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन नायब नाजिर मोहम्मद उमर को सौंपा। वहां सलविंदर कलसी, जोगेंद्र सिंह, संजय चौधरी, लक्ष्मण दास, विनोद कुमार, राजेश कुमार, करनैल सिंह, रूपचंद कंबोज, ज्ञानचंद आदि थे।
कृषि विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे किसान, रैली निकाली?
काशीपुर/जसपुर/बाजपुर। काशीपुर में भाकियू के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में किसान शुक्रवार को टांडा उज्जैन स्थित बाग में एकत्र हुए। वहां से अपने ट्रैक्टर और बाइकों के साथ रैली निकाली। रैली में उमड़े किसानों के हुजूम को देखते हुए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। स्टेडियम तिराहे पर रैली के पहुंचने पर किसान सड़क पर धरने पर बैठ गए।
जाम नहीं खुलने पर एसडीएम गौरव कुमार ने किसानों के बीच पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया। बाद में एसडीएम के समझाने पर किसानों ने जाम खोला। वहां भाकियू युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राणा, बलजिंदर सिंह संधू, तरसेम सिंह, प्रवेश राठी, टीका सिंह सैनी, कल्याण सिंह, अपूर्व मेहरोत्रा, विकास हुड्डा, सुरेंद्र सिंह, प्रताप विर्क, आरिश खान आदि थे।
उधर, जसपुर में भाकियू के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों ने नारेबाजी कर रैली निकाली और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुंदर सिंह को सौंपा। वहां भाकियू जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, सचिव शीतल सिंह, दीदार सिंह, संजीव चौधरी, राजीव कुमार, किशन सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, सुखबीर सिंह भुल्लर, जसवीर सिंह आदि थे।
उधर, बाजपुर में किसान तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि विधेयकों के विरोध में प्रदर्शन कर सांकेतिक धरना दिया। वहां भाकियू प्रदेश कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह रंधावा, ब्लॉक अध्यक्ष सुखदेव सिंह, बल्देव सिंह संधू, राजेंद्र सिंह गिल, अमित जोशी, कुलवंत सिंह, जसवंत सिंह, लकशर सिंह, बलजिंदर सिंह, प्रताप सिंह संधू, कुलजीत सिंह, जगतजीत सिंह, गुरमीत सिंह, ज्ञान सिंह आदि थे।
उधर, रामराज रोड स्थित भाकियू की पंचायत में प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने फार्म हाउस पर किसानों के साथ बैठक कर कृषि विधेयकों के विरोध में 30 सितंबर को विशाल ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया। पड्डा ने कहा कि 30 सितंबर को सुबह 11 बजे क्षेत्रभर के किसान ट्रैक्टरों के साथ मंडी समिति परिसर में एकत्र होगे। वहां से रैली के रूप में मुख्य मार्ग से होकर तहसील पहुंचेंगे। वहां एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। मौके पर राजेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, दलजीत सिंह, प्रपात सिंह, सतनाम सिंह, रिंकू, जसवीर सिंह, अमित आदि थे। संवाद
कृषि विधेयक किसानों को बना देगा मजदूर : विधायक चौहान
जसपुर। केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि विधेयक किसान को मजदूर बनाने वाले हैं। इन्हें उत्तराखंड में लागू न किया जाए। यह विधेयक किसान विरोधी है। शुक्रवार को विधायक आदेश चौहान ने कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि यदि सरकार को किसानों की चिंता है तो कृषि कार्य में प्रयोग में लाए जाने वाले ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों पर जीएसटी खत्म करे।
इनकी खरीद पर किसानों को सब्सिडी, इनकी खरीद पर किसानों को ब्याज मुक्त ऋण, फसलों की उपज का समय से भुगतान करने, व्यापारी की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम देने पर किसान को व्यापारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का अधिकार देना चाहिए। कहा कि 28 सितंबर को कांग्रेस विधायक इन विधेयकों के खिलाफ राजभवन कूच करेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। वहां गजेंद्र चौहान, आदित्य गहलोत, नईम प्रधान, हिमांशु नंबरदार, सर्वेश चौहान आदि थे।
कृषि विधेयक किसानों ने होंगे वरदान साबित : चौहान
जसपुर। कृषि विधेयकों को लेकर विपक्षी पार्टियां किसानों में भ्रम फैलाने का काम रही हैं। यह विधेयक किसानों के लिए वरदान साबित होंगे। शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि तीनों विधेयक किसानों को अपनी उपज बेचने की कीमत निर्धारण करने की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं।
विपक्षी पार्टियां नए विधेयकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था और मंडी व्यवस्था समाप्त होने का भ्रम फैला रही है जबकि ऐसा नहीं है। किसान अपनी फसल को मंडी, राज्य अथवा राज्य से बाहर कहीं बेच सकता है। उन्होंने किसानों से विपक्षी पार्टियों के फैलाए जा रहे भ्रम में नहीं आने की अपील की है। वहां पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, सुरेंद्र चौहान, वीरेंद्र चौहान, डॉ. सुदेश, कीर्ति त्यागी, अंकुर सक्सेना आदि थे।
सितारगंज में जुलूस निकालते भाकियू के किसान।- फोटो : SITARGANJ
रुद्रपुर के डीडी चौक में कृषि विधेयकों की प्रतियां जलाते किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के नैनीताल रोड में किसानों की ट्रैक्टर रैली से लगा जाम ।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के गल्ला मंडी में सभा को संबोधित करते किसान नेता।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के गल्ला मंडी में किसानों की सभा को संबोधित करते किसान नेता वीएम सिंह।- फोटो : RUDRAPUR
किच्छा में विधेयक की प्रतियां फूंकते किसान। - फोटो : KITCHHA
किच्छा में जुलूस निकालते किसान।- फोटो : KITCHHA
जसपुर में पत्रकार वार्ता करते विधायक आदेश चौंहान। - फोटो : KASHIPUR
जसपुर में पत्रकार वार्ता करते भाजपा किसान मोर्चा को प्रदेशाध्यक्ष।- फोटो : KASHIPUR
जसपुर में रैंली निकालते किसान। संवाद- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर में टांडा चौंराहा से ट्रैक्टर रैली निकालते किसान। संवाद- फोटो : KASHIPUR
बाजपुर तहसील में धरना देते किसान।- फोटो : BAZPUR