जाम में फंसी एम्बुलेंस, चरमराई यातायात व्यवस्था
डोली के हाईवे पर रुकने और गेट तोड़ने की कार्रवाई के कारण अगस्त्यमुनि बाजार में दोपहर 12:30 बजे से भारी जाम लग गया। केदारनाथ और रुद्रप्रयाग की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस जाम में एंबुलेंस भी घंटों फंसी रही। पुलिस को यातायात सुचारु करने के लिए तिलवाड़ा और गंगानगर से वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजना पड़ा। शाम 4 बजे गेट टूटने के करीब आधा घंटे बाद ही आवाजाही सामान्य हो सकी।
बिजली-पानी नहीं, जनता रही बेहाल
एक ओर जहां आस्था का सैलाब उमड़ा था वहीं दूसरी ओर अगस्त्यमुनि नगर क्षेत्र में दिनभर बिजली और पानी की आपूर्ति ठप रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। ऑनलाइन कार्य, व्यवसाय और छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित रही। पानी की किल्लत के कारण होटल व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने स्रोतों से पानी भरा। देर शाम बिजली तो बहाल हुई लेकिन पानी की समस्या बनी रही।
प्रशासन से धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए गेट तोड़ने के लिए कहा गया। मगर जिलाधिकारी की ओर से इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और घंटों उत्सव डोली हाईवे पर रुकी रही। प्रशासन की जिद्द के कारण हाईवे बाधित रहा। मुनि महाराज के भक्त आक्रोश में गेट तोड़कर डोली को अपने गद्दीस्थल ले गए। यह प्रशासन की असफलता है।
- त्रिभुवन चौहान।
बीते एक माह से यहां निर्माण कार्य के विरोध में लगातार आंदोलन जारी था। इससे पहले प्रशासन से यहां मैदान के समतलीकरण और गेट तोड़ने की बात कही थी लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई न होने के कारण आक्रोशित भक्तों को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।
- शेखर नौटियाल।