चीड़ हटाओ, बांज लगाओ आंदोलन यात्रा पहुंची रुद्रप्रयाग
मिश्रित प्रजाति के पेड़ लगाने पर दिया जोर
संवाद न्यूज जऐंसी
रुद्रप्रयाग। ‘चीड़ हटाओ, बांज लगाओ’ आंदोलन अभियान की पैदल यात्रा रुद्रप्रयाग पहुंची। यात्रा के दौरान, पहाड़ों में चीड़ के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जताई गई और इसके स्थान पर मिश्रित प्रजाति के पेड़ लगाने पर जोर दिया गया। साथ ही पहाड़ के हर गांव में रहने वाली महिलाओं का पांच लाख रुपये तक का बीमा कराने की मांग भी उठाई गई। यह यात्रा 21 सितंबर को बदरीनाथ धाम में संपन्न होगी।
जूना अखाड़ा के श्रीश्री 108 सूरज गिरी महाराज नागा सन्यासी के संरक्षण में यह यात्रा शनिवार को रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय पहुंची। आंदोलन के संयोजक रमेश बौड़ाई ने कहा कि वनों से हवा, पानी और अन्य महत्वपूर्ण तत्व मिलते हैं लेकिन जंगलों में चीड़ की बढ़ती संख्या से वनों का अस्तित्व खतरे में है। जंगलों से चीड़ को हटाकर मिश्रित वन लगाना समय की मांग है और इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई और सुरंगों से पहाड़ों के खोखले होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर साल लगाए जाने वाले पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सभी को लेनी चाहिए। प्रकृति से लगातार छेड़छाड़ के कारण कई स्रोत सूख गए हैं। इस दौरान उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के परिवारों को गैस सिलिंडर पर सब्सिडी देने, हर ग्राम पंचायत में जंगलों की सुरक्षा के लिए 10,000 रुपये मासिक पर ग्राम प्रहरी की तैनाती करने, चीड़ के अलावा अन्य पेड़ लगाने वाले ग्रामीणों को प्रति पौधा ग्रीन बोनस देने की मांग की। इस अवसर पर सतेंद्र रावत और उत्तम सिंह नेगी भी मौजूद थे।