वर्ष 2016 में केदारनाथ यात्रा तैयारियों को लेकर जहां कवायद शुरू हो गई है, वहीं बिजली का ऊर्जा निगम को प्रशासन 47 लाख रुपये का भुगतान नहीं हो पाया है।
यात्रा पैदल मार्ग से धाम तक नियमित विद्युत सप्लाई के लिए ऊर्जा निगम की ओर से दो वर्षों में लाइनों को ठीक किया गया। पड़ावों पर नए ट्रांसफार्मर भी लगाए गए। इस काम में दो करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए। यात्रा से पहले गौरीकुंड से केदारनाथ तक 550 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई। वहीं, पड़ावों व केदारनाथ मंदिर और अन्य स्थानों के अलावा पुनर्निर्माण स्थलों पर नियमित बिजली सप्लाई दी गई। दो वर्षों से शीतकाल में भी केदारनाथ में कार्यदायी संस्था नेहरू पर्वतारोहण संस्थान को बिजली सप्लाई हो रही है। ऊर्जा निगम ने इन सभी कनेक्शन को गौरीकुंड से लिंक किया।
रीडिंग के आधार पर 2014-15 यात्रा और शीतकाल में 29 फरवरी 2016 तक का 47 लाख का बिल प्रशासन को सौंपा, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया है। इधर, ऊर्जा निगम के ईई मनोज गुसाईं ने बताया कि बिल का भुगतान नहीं होने से घाटा झेलना पड़ रहा है।
बेहतर होगी बिजली सप्लाई
गौरीकुंड से केदारनाथ तक छह ट्रांसफार्मर की मदद से बिजली सप्लाई की जा रही है। इस बार ऊर्जा निगम ने चिह्नित स्थानों पर एक-एक वैकल्पिक ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे। अगर लाइन से जुड़े ट्रांसफार्मर पर दिक्कत आती है, तो जल्द उसे बदलकर सप्लाई बहाल की जाएगी। पैदल रास्ते से मंदिर तक 100 स्ट्रीट लाइटें और लगाई जाएंगी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर खुली लाइन के बजाय केबिल के माध्यम से बिजली सप्लाई आगे बढ़ाई जाएगी।
केदारनाथ यात्रा का बिजली का 47 लाख का बिल शासन को भेज दिया गया है। धनराशि उपलब्ध होते ही ऊर्जा निगम को भुगतान कर दिया जाएगा। इसके अलावा यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार का शेष भुगतान 15 अप्रैल तक देय कर दिया जाएगा। - डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग