जखोली ब्लाक के बांगर पट्टी के पुजार गांव के डोणी तोक के पांच परिवार दरारों से पटे घरों में रहने को मजबूर हैं। लगातार हो रहे भूधंसाव से यहां हालात दिनोंदिन खराब हो रहे हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की मांग की।
जून 2013 की केदारनाथ आपदा में केदारघाटी के साथ जिले के अन्य क्षेत्र भी भूस्खलन व भूधंसाव से प्रभावित हुए थे, जिसमें पुजार गांव का डोणी तोक भी शामिल है। तब से यहां भूधंसाव हो रहा है, जिससे यहां मकानों में दरारें आ गई हैं। प्रभावित जगदीश प्रसाद, शंभू प्रसाद, गुरु प्रसाद, मोलाराम, भूपेंद्र प्रसाद ने कहा कि मकान जर्जर हो चुके हैं। बारिश में मकानों के ढहने का खतरा बना है। सभी परिवार मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। प्रशासन ने पुनर्वास का आश्वासन दिया था जो अभी तक नहीं किया गया। उप जिलाधिकारी एनएस नगन्याल ने बताया कि पुजारगांव के डोणी तोक के बारे में जानकारी ली जा रही है। मौके का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।