कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें दिल्ली से प्रशिक्षण लेकर लौटे डॉक्टरों ने कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
एसीएमओ डॉ. ऊषा जंगपांगी, डॉ. एमके तिवारी और डॉ. गौरव अग्रवाल ने कुमाऊं से पहुंचे सभी चिकित्साधिकारियों, डॉक्टरों और आईएमए के सदस्यों को कोरोना वायरस को लेकर विशेष जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज से पूर्व और इलाज के बाद हाथों को साबुन से धोना बहुत जरूरी है।
खांसते ओर छींकते समय मरीज से करीब एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। कोरोना वायरस को लेकर तरह-तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि अल्कोहल के सेवन से कोरोना वायरस पर नियंत्रण किया जा सकता है, जो कि पूरी तरह गलत है।
उन्होंने कहा कि जिले में अभी किसी भी मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, यदि किसी मरीज में पुष्टि होती है तो इसकी रोकथाम के लिए बफर जोन बनाने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने आईडीएसपी के हेल्पलाइन नंबर 104 के बारे में जानकारी दी। इस पर कोरोना वायरस से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी ली जा सकती है।
कार्यशाला में एसीएमओ एसीएमओ डॉ. उदय शंकर, एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना, डॉ. एसके शाह, जिला मलेरिया अधिकारी बीसी जोशी, मनोज कुमार, डॉ. प्रकाश चंद्रा, डॉ अनिल ढींगरा, हेमंत कुमार, डॉ. पंकज अग्रवाल, डॉ. रवि सैनी, रजनी भट्ट, ललित जोशी आदि मौजूद थे।
फोटो- 12 आरडीपी 05 पी- रुद्रपुर में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मंडलीय कार्यशाला में मौजूद डॉक्टर।