राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा में तैनात डॉक्टर चार माह से गायब है, जिससे अस्पताल बंद पड़ा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती की मांग की है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव फाटा में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीते चार माह से फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा है। यहां तैनात डॉक्टर गुल बहार बीते चार माह से गायब हैं। बताया जा रहा है कि चिकित्सक अगस्त में कुछ दिन की छुट्टी लेकर घर गए थे, लेकिन लौटकर नहीं आए। इस दौरान विभाग द्वारा उन्हें तीन नोटिस भी जारी किए, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
नितिन जमलोकी, रामेश्वर प्रसाद जमलोकी, विजय प्रसाद जमलोकी, जगत सिंह रमोला, दिवाकर गैरोला, सुनील सेमवाल, अतुल जमलोकी, कमलेश भट्ट, ग्राम प्रधान जगत सिंह बुटोला आदि का कहना है कि फाटा अस्पताल पर क्षेत्र की आठ हजार आबादी निर्भर है, लेकिन चार माह से डॉक्टर न होने से जरूरतमंदों को दूरस्थ अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. बीके शुक्ला का कहना है कि फाटा अस्पताल में तैनात डॉक्टर चार माह पूर्व छुट्टी पर घर गए थे, लेकिन लौटे नहीं हैं। उनका तीन माह से वेतन भी रोका हुआ है। जल्द ही अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती के प्रयास किए जाएंगे।