ग्राम पंचायत गैंठाणा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला में डीएम मनुज गोयल ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि समय-समय पर दूरस्थ क्षेत्रों में इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित होनी चाहिए, जिससे जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी गोयल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ किशोर-किशोरी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं बाल विकास के अधिकारियों ने राष्ट्रीय बाल एवं किशोर से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही जिला स्तर पर बाल व किशोरों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए बताया कि आंगनबाड़ी व स्कूलों में शून्य से 18 वर्ष तक के पंजीकृत छात्र-छात्राओं का नि:शुल्क उपचार किया जाता है। कार्यशाला में किशोरावस्था में होने वाली शारीरिक, मानसिक समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर सीएमओ डॉ बीके शुक्ला, डीडीओ मनविंदर कौर, सीईओ सीएन काला, डा. आशुतोष, सीडीपीओ हिमांशु बड़ोला, डीपीओ हिमांशु नौडियाल समेत आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद थे।