डीएम रंजना राजगुरू ने जिले के सरकारी स्कूलों के एकीकरण को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। ऑनलाइन/ऑफलाइन व्यवस्था के तहत वर्कशीट से पढ़ाई की समीक्षा पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को लॉकडाउन की अवधि में शिक्षा में आए अंतराल को पूरा करने के निर्देश दिए।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों के एकीकरण और ऑनलाइन/ऑफलाइन पढ़ाई के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। डीएम ने कहा कि ऑनलाइन/ऑफलाइन के माध्यम से हर छात्र से संपर्क करना सुनिश्चित करें ताकि कोई शिक्षा से वंचित न रहे। दसवीं और बारहवीं के उन बच्चों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जो अभी तक ऑनलाइन/ऑफलाइन शिक्षा प्रणाली से वंचित हैं। सीईओ और डीईओ को हर दिन रिपोर्ट देने और अधीनस्थों के साथ समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिन स्कूलों का एकीकरण हो रहा है, वहां वाहनों, शिक्षकों और मूलभूत सुविधाओं को देखते हुए दो हफ्ते में रिपोर्ट दें। स्कूल में छात्र प्रतिशत कम होने के कारण पता करें और संख्या बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास करें। डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि अगली बैठक में जिस अधिकारी के पास परिपूर्ण डाटा उपलब्ध नहीं होगा, उसके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्यवाही की जाएगी।
डीएम ने नीति आयोग के तहत स्कूलों का मॉडलीकरण की समीक्षा के दौरान स्कूल में स्मार्ट टीवी, साउंड सिस्टम, लाइट, पावर बैंक, आधुनिक लैब आदि की भी जानकारी ली। उन्होंने डीईओ को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन शिक्षा से संबंधित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। वहां सीडीओ हिमांशु खुराना, एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल आदि थे।
अभिभावकों को फीस न देने के लिए बरगलाने का आरोप
सितारगंज। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन और अभिभावक संघ ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने संघ के अध्यक्ष को शरारती तत्व बताते हुए उन पर अभिभावकों को बरगलाने का आरोप लगाया। कहा कि आरोपी की ओर से हाईकोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एसडीएम ने कहा कि वह मामले को डीएम के समक्ष रखेंगी।
एसोसिएशन के लोगों ने सोमवार को एसडीएम को पत्र दिया। पत्र में कहा कि 22 जून को राज्य सरकार और तीन जुलाई को हाईकोर्ट ने शिक्षण शुल्क लेने का आदेश जारी किया था। कहा कि शरारती तत्व अभिभावक संघ का अध्यक्ष बनकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आए दिन सोशल मीडिया व अखबारों में विद्यालयों को ऑनलाइन पढ़ाई की फीस न देने के लिए अभिभावकों को बरगला रहे हैं। इससे हाईकोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे तत्वों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने की मांग की। वहां अध्यक्ष भुवन चंद्र भट्ट, राजेश शैली, पुनीत गोयल, नरेश कंसल, हरमीत सिंह, पुनीत आनंद, संतोष गुप्ता आदि थे।
परीक्षा से पहले पुस्तकालय से किताबें उपलब्ध कराने की मांग
खटीमा। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने प्रथम और अंतिम वर्ष की परीक्षाओं में विद्यार्थियों को होने वाली समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि विद्यार्थियों को पुस्तकालय से किताबें नहीं मिल रही है जिससे उन्हें परेशानियां हो रही है। उन्होंने परीक्षा से पहले पुस्तकालय खोलने और किताहें उपलब्ध कराने, परीक्षा के लिए यातायात व्यवस्था कराने, महाविद्यालय के दोनों गेट खुलवाने, ऑटोमेटिक सेनेटाइजेशन मशीन की व्यवस्था कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में छात्र संघ सचिव शिवम गुप्ताए दीपेंद्र चंदए नीरज धामी आदि थे।
इधर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने 14 सितंबर से होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और एक पाली की परीक्षा पूर्ण होने के बाद कक्षाओं को सैनिटाइज कराने की मांग की। वहां लक्ष्मण खर्कवाल, नितिन श्रीवास्तव, तारिक अंसारी, पंकज जोशी, आसिफ अंसारी, प्रकाश राहुल यादव आदि थे।
वहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन भेजकर प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने और नए सत्र के प्रवेश जल्द शुरू करने की मांग की। वहां मोहम्मद अदनाम, सद्दाम रजा, मुकेश कश्यप, शाह अब्दुल, नयाब हुसैन, मोहम्मद गुफरान, आसिफ, पंकज आदि थे।