कड़क मिजाज आईएएस अफसर डॉ. नीरज खैरवाल ने ऊधमसिंहनगर जिले में सबसे अधिक समय तक डीएम रहने का रिकार्ड बना दिया है। जिले में तीन साल चार महीने और छह दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके डॉ. खैरवाल को मुख्यमंत्री के अपर सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा, कृषि, उद्योग, पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों में काम करने पर ध्यान केंद्रित रखा। तबादले से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में डॉ. नीरज की कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना भी की।
डॉ. नीरज खैरवाल ने 23वें डीएम के रूप में 24 मार्च 2017 को जिले की कमान संभाली थी। उनसे पहले सबसे अधिक समय तक डीएम रहने का रिकार्ड सुंदर लाल के नाम पर तीन साल दो महीने 29 दिन का था। डीएम ने अपने कार्यकाल में पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर, लोगों के बड़े विवादों को सुलझाने के लिए डीआरसी, मिशन खुशियां के तहत जिलेभर में सर्वे, 1127 स्कूलों का एकीकरण कर संख्या 508 करने, सीएसआर के तहत उद्योगों को गोद देने, इंटीग्रेटेड फार्मिंग के लिए स्मार्ट विलेज, कलक्ट्रेट में पहली बार फाइलों को व्यवस्थित करने के लिए रिकार्ड रूम, सभी सीएचसी को सीएसआर के तहत उद्योगों को गोद देने, रेडक्रास से निशुक्ल दवा और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था जैसे काम कराए।
अवैध खनन में लगातार कार्रवाई कर आय पहले की तुलना में ढाई से तीन गुना बढ़ाई। दो बाद यूएसनगर कार्निवाल, राष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन, 10 हजार 345 पट्टे आवंटित, इंवेस्टर समिट करने के साथ ही रुद्रपुर सहित बड़े शहरों से अतिक्रमण हटाने के बाद सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बिना विवाद पुलिस के सहयोग से धार्मिक संरचनाओं को सड़कों से हटवाने के साथ ही लाउडस्पीकर हटवाए थे। बेटी बचाओ में बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जिले को पुरस्कार मिले थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में कईं कार्मिकों का निलंबन, बर्खास्तगी और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की।
विधायक शुक्ला से विवाद रहा चर्चित
रुद्रपुर। डीएम डॉ. नीरज खैरवाल के नेताओं से संबंध मधुर नहीं रहे थे। पिछले दिनों किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने जिले के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक की बैठक में डीएम पर आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया था। उन्होंने विशेषाधिकार हनन के मामले में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा था। बृहस्पतिवार की दिन में समीक्षा बैठक में डीएम के कार्यों की तारीफ और शाम को देहरादून से तबादले का आदेश को एक तीर से दो निशाने के रूप में देखा जा रहा है।