जखोली ब्लाक के ग्राम पंचायत दरमोला में आयोजित पांडव नृत्य में नौगरी कौथिग का मंचन किया गया। ग्रामीणों ने पांडवों के लिए विभिन्न पकवान बनाए, जिन्हें पांडव चौक में पांडवों को भेंट किया गया। इस मौके पर दूर-दराज के गांवों से पहुंच रहे भक्तों के साथ प्रवासी और ध्याणियां भी शामिल हो रही हैं।
बुधवार को पांडव नृत्य के 20वें दिन भगवान बदरी विशाल की पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर ग्रामीणों ने पांडवों के लिए बनाए व्यंजनों को आराध्य बदरी विशाल को भेंट करते हुए पांडवों को अर्पित किए। मान्यता है कि जब पांडव एक वर्ष के अज्ञातवास पर थे तब उन्होंने गांवों में भिक्षा मांगकर अपना भरण-पोषण किया था। आज भी लोग इस परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं। इसके बाद ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडवों ने पंडवानी गायन के साथ अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। दरमोला गांव में पांडव नृत्य देखने के लिए जवाड़ी, तरवाडी, रौठिया, स्वीली, सेम, डुंग्री, उत्यासू, मेदनपुर समेत दूर-दराज गांवों के लोग पहुंच रहे हैं। इस मौके पर पुजारी कीर्तिराम डिमरी, पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष जसपाल सिंह पंवार, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कप्रवाण, त्रिलोक सिंह, दान सिंह, कीर्तन सिंह, राकेश पंवार, विजय सिंह, मोहन सिंह, नत्था सिंह पंवार और जसपाल सिंह आदि मौजूद थे।