आपदा राहत और बचाव के तहत पुलिस गांवों में लोगों को ट्रेनिंग देगी। जिले में 125 लोगों की टीम तैयार की जाएगी। यह टीम विषम परिस्थितियों में प्रभावितों की मदद कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएगी। पुलिस ने बरसाती सीजन के आगामी तीन माह के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार कर दो टीमें गठित की हैं।
पुलिस इस अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम प्रहरियों, ग्राम प्रधान, एनजीओ और स्कूली छात्र-छात्राओं की मदद से जगह-जगह पर गोष्ठियां आयोजित कर लोगों को आपदा राहत व बचाव के बारे में बताएगी। इसके बाद ग्राम स्तर पर विशेष आपदा प्रशिक्षण दिया जाएगा और मॉक ड्रिल के माध्यम से भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि, अग्निकांड से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इधर, सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना व चौकी प्रभारी सहित विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को अभियान के बारे में बताया। बैठक में सीओ बीएस चौहान, सीओ एसडी बडोला, कोतवाल डीएस पंवार, थानाध्यक्ष जेएस नेगी, सत्यव्रत, सुबोध ममंगाई आदि मौजूद थे।
जिले में दो टीमें की गई गठित
एसओपी के तहत एसपी पीएन मीणा और पुलिस उपाधीक्षक श्रीधर प्रसाद बडोला के नेतृत्व में दो टीमें तैयार की गई हैं। इन टीमों में 10-10 पुलिस कार्मिक, 3-3 उप निरीक्षक, 5-5 आरक्षी और 2-2 फायरमैन नियुक्त किए गए हैं। दोनों टीमों के साथ 3-3 कर्मचारी एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन तंत्र के मौजूद रहेंगे।
शासन से मिले निर्देश के तहत तीन माह में जिले में लोगों को आपदा राहत व बचाव के बारे में जागरूक कर उन्हें प्रशिक्षित करना है। प्रशिक्षित कर 125 कुशल प्रशिक्षुओं की टीम तैयार की जाएगी। - पीएन मीणा, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग