सहकारी समिति मिनी बैंक दैड़ा में लाखों रुपये की हेराफेरी मामले में कोई कार्रवाई न होने से प्रभावित काश्तकारों में रोष है।
उन्होंने जिला सहायक निबंधक से जमा राशि लौटाने की मांग की है।
वर्ष 2011 में मिनी बैंक दैड़ा में आडिट के दौरान पता चला था कि तत्कालीन सचिव ने काश्तकारों के जमा खातों से फर्जी हस्ताक्षर कर 29 लाख रुपये की हेराफेरी की थी।
जांच के बाद तत्कालीन सचिव को निलंबित कर दिया था, लेकिन अभी तक प्रभावित काश्तकारों को उनकी जमा राशि नहीं मिल पाई है।
काश्तकार गोविंद सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने मिनी बैंक में बीस हजार रुपये की एफडी की थी, लेकिन उनके खाते में अब दो हजार रुपये हैं। इधर, प्रभारी जिला सहायक निबंधक राकेश लाल ने बताया कि मामला अदालत में विचाराधीन है।