आपदा में महत्वपूर्ण रहा था यह मार्ग, 22 किमी है मार्ग की लंबाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुप्तकाशी। केदारनाथ धाम के लिए चौमासी-कालीमठ घाटी से प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि केदारनाथ आपदा के दौरान चौमासी-केदारनाथ पैदल मार्ग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी लेकिन बार-बार मांग के बावजूद इसे आज तक वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश भट्ट, चौमासी के पूर्व प्रधान मुलायम सिंह, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सोमेश्वरी भट्ट और कालीमठ ग्राम प्रधान प्रदीप राणा ने बताया कि राज्य गठन के बाद से हर विधानसभा चुनाव में इस मोटर मार्ग की मांग उठाई जाती रही है। राजनीतिक दलों ने भी इसके निर्माण का भरोसा दिया लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ।
उनका कहना है कि चौमासी से केदारनाथ तक प्रस्तावित इस मार्ग की लंबाई करीब 22 किलोमीटर है और इस पर किसी बड़े पुल की भी आवश्यकता नहीं है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग बार-बार बाधित होने के कारण यात्रा रोकनी पड़ती है। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग बनने से केदारनाथ यात्रा निर्विघ्न संचालित होगी, कालीमठ घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने सरकार से इस मोटर मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर निर्माण शुरू करने की मांग की।