रुद्रप्रयाग। नाबालिग को शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म के दोषी अभियुक्त को जिला न्यायाधीश की अदालत ने 10 वर्ष के कारावास और एक लाख 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने जुर्माने की धनराशि से एक लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश भी दिया। अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने दोनों पक्षों की अंतिम सुनवाई के बाद अरविंद सिंह निवासी ग्राम नाग पूर्वियाणा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। मामले में राज्य की तरफ से पैरवी करने वाले अधिवक्ता केपी खन्ना ने बताया कि आरोपी अरविंद एक बच्चे का पिता है। उसने स्वयं को अविवाहित बताते हुए 21 जनवरी 2018 को नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। बाद में जब आरोपी को नाबालिग के गर्भवती होने की सूचना मिली तो वह उससे किनारा करने लगा। 6 अगस्त 2018 को पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। पीड़िता ने नारी निकतेन देहरादून में बच्चे को जन्म दिया तो आरोपी अरविंद सिंह ने बच्चा अपना होने से इंकार करते हुए कोर्ट से डीएनए जांच की मंाग की। न्यायालय के आदेश पर आरोपी का विधि-विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए कराया गया, जिसमें वह नवजात का जैविक पिता पाया गया।