ढाई लाख की आबादी वाले रुद्रप्रयाग जिले में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अब भी चरम पर है। पिछले एक माह से प्रतिदिन औसतन 150 संक्रमित आ रहे हैं। जिले में अभी 2257 एक्टिव केस हैं। संक्रमण के चलते प्रशासन ने 42 गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया हुआ है।
मई माह में जिले में कोरोना की रफ्तार अपने चरम पर रही है। बीते एक सप्ताह को छोड़ दें तो पिछले 20 दिनों में प्रतिदिन औसतन 150 केस आए हैं। अब भी यहां 2257 केस हैं, जिसमें शंकराचार्य माधवाश्रम अस्पताल में 60 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा 2190 को होम आइसोलेशन में रखा गया है। कोरोना की दूसरी लहर में जिले में 57 मरीजों की मौत हो चुकी है। दूसरी तरफ बढ़ते संक्रमण के चलते प्रशासन द्वारा रुद्रप्रयाग तहसील के महड़-कांडई, हितडांग, सौंराखाल, कोट तल्ला, माथगांव, सांदर, नारी, ग्वेफड, ककोडख़ाल, कमोल्डी, च्वींथ, बणसौं, पीपली, कोठगी, बणथापला, ईशाला, बिजराकोट, सारी, ऊखीमठ तहसील में खुमेरा, रुद्रपुर, रामपुर, कुणजेठी, राऊंलेक, परकंडी, गैड, दौला-कन्यास, सारी, जलई, सीतापुर, जाल मल्ला, मनसूना, जखोली तहसील में घरडा, बधाणी, कोट बांगर और बसुकेदार तहसील में उच्छोला, बक्सीर, डांगी खोड, बीरों देवल, डोभा, रायड़ी, टेमरिया, मरोड़ा को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विंधेश कुमार शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अब माइक्रो कंटेनमेंटन जोन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने जिलेवासियों से गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।