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Rudraprayag News: 12 वर्षों से पूरा नहीं हुआ जीआईसी चमकोट भवन का निर्माण कार्य

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I84 लाख से अधिक रुपये खर्च के बाद एक दशक से ठप पड़ा काम, जनप्रतिनिधि बोले, सरकार नहीं ले रही सुध
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Iयूपी निर्माण निगम की लापरवाही नौनिहालों पर पड़ रही भारीI
Iचार कमरों के पुराने जर्जर भवन पर चल रही कक्षाएं
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Iअगस्त्यमुनि ब्लॉक के रानीगढ़ पट्टी के डांडाखाल क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज चमकोट के भवन निर्माण का कार्य 12 साल से पूरा नहीं हो पाया है। यूपी निर्माण निगम भवन, निर्माण पर 84 लाख से अधिक की धनराशि भवन की दो मंजिल का ढांचा बनाने में खर्च कर चुका है। शेष निर्माण के लिए पुन: भेजे प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी न मिलने से बीते 12 वर्ष से काम बंद पड़ा है, जिस कारण आधा-अधूरा भवन जर्जर होने लगा है। बावजूद शासन, प्रशासन और विभाग की ओर से मामले की कोई सुध नहीं ली जा रही है।I
Iवर्ष 2006-07 में राजकीय इंटर कॉलेज चमकोट के लिए दो मंजिला नया भवन स्वीकृत किया गया था। तब, शासन से भवन निर्माण के लिए 84.05 लाख रुपये जारी करते हुए यूपी निर्माण निगम को कार्य सौंपा गया। कार्यदायी संस्था ने वर्ष 2011-12 तक दो मंजिला भवन का ढांचा खड़ा करने में ही पूरा बजट खर्च कर दिया। कार्य पूरा करने के लिए पुन: 77.41 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे शासन से स्वीकृति नहीं मिल सकी और कार्यदायी संस्था ने बजट के अभाव में कार्य बंद कर दिया। 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन आधा-अधूरा पड़ा है।
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Iविभागीय स्तर पर यूपी निर्माण निगम से कई बार पत्राचार किया जा चुका है, पर जवाब नहीं मिल रहा है। इन परिस्थितियों में विद्यालय में चार कमरों के पुराने भवन पर ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं। शिक्षक-अभिभावक संघ की अध्यक्ष कमला देवी और विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष अनीता देवी का कहना है कि विभाग को कई बार अवगत कराने पर भी भवन का कार्य पूरा नहीं हो रहा है।I
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Iप्रधानाचार्य भुवनेश भट्ट ने बताया कि जगह के अभाव में शिक्षण व शिक्षणेतर गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। विभागीय स्तर पर लगातार पत्राचार के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा है। इधर, मुख्य शिक्षाधिकारी प्रमेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि विद्यालय के अधूरे भवन का कार्य आरईएस के माध्यम से कराने के लिए प्रयास किए गए थे, पर शासन स्तर पर स्वीकृति नहीं मिल पाई है। पुन: प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।I
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