मंदाकिनी शरदोत्सव एवं औद्योगिक कृषि विकास मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या हंगामे की भेंट चढ़ने से स्थगित कर दी गई।
इस दौरान गाली-गलौज, धक्कामुक्की के आरोप में पुलिस ने नामजद दस लोगों में से पांच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सुरक्षा व्यवस्था और मेला आयोजन को लेकर अगस्त्यमुनि में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत और केदारनाथ की विधायक की मौजूदगी में दूसरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान लोकगायक गजेंद्र राणा का कार्यक्रम चल रहा था। दो-तीन प्रस्तुतियों के बाद कैबिनेट मंत्री डा. रावत संबोधन के लिए मंच पर गए।
इसी दौरान कुछ युवक मंच की तरफ बढ़ने लगे। ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह रावत ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे गाली-गलौज और धक्कामुक्की कर मंच पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। डा. रावत ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। वे माइक छीनकर उत्पात मचाने लगे।
विधायक शैलारानी, ब्लाक प्रमुख रौथाण, एसडीएम सीएस चौहान की भी उन्होंने नहीं सुनी। आधे घंटे से अधिक समय तक चले ड्रामे को रोकने के लिए पुलिस ने लाठी भांजी तो उपद्रवी पुलिस से भिड़ गए। मामला तूल पकड़ता देख मौके पर मौजूद लोगों व मेला समिति के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। इस दौरान मेला समिति ने भी सांस्कृतिक संध्या को स्थगित कर दिया।
इधर, शनिवार को सब इंस्पेक्टर रावत ने दस लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दी है। सीओ मिथलेश कुमार की मौजूदगी में पुलिस ने कुंवर सिंह सजवाण, आलोक नेगी, प्रीतम गोस्वामी, सुमन नेगी, नवीन कंडारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पुरसाड़ी जेल भेज दिया। पांच अन्य की तलाश जारी है।
इधर, मेला समिति के अध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इधर, शनिवार को दिनभर मेला स्थल पर खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं सुचारु रही।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
अगस्त्यमुनि। सीओ मिथलेश कुमार ने बताया कि मेला पांडाल सहित पूरे नगर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, गुप्तकाशी थाना व मयाली पुलिस चौकी से पुलिस बुलाई गई है। इसके अलावा डेढ़ प्लाटून पीएससी को भी तैनात कर दिया गया है। मेला आयोजन को देखते हुए दो अन्य स्थानों पर पुलिस केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं।