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तीन साल पहले मंजूर हुई सड़कें भी अधूरी

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किच्छा में निर्माण की राह ताकता लालपुर आजाद नगर मार्ग। - फोटो : RUDRAPUR
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सड़क जनता की मूलभूत सुविधाओं में शामिल हैं, लेकिन एनएच 74 सहित कई सड़कों की दुर्दशा हादसों से दावत दे रही है। आलम यह है कि जो सड़क तीन या दो साल पहले मंजूर हो चुकी हैं, उनका काम भी अधूरा पड़ा है। कई सड़कों में तो बजट तक आवंटित हो चुका है।
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एनएच-74 में दो साल से अधिक समय से टोल वसूलने के बावजूद कईं जगहों पर निर्माण अधूरा पड़ा है। सीएम की घोषणा में शामिल रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप की 2.2 किलोमीटर सड़क में ढाई साल बाद 900 मीटर में ही सीसी का काम चल रहा है।
काशीपुर बाईपास से किच्छा बाईपास और महतोष से नवाबगंज तक चार किलोमीटर की सड़क में घोषणा के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। राज्य योजना में किच्छा विधानसभा में वर्ष 2017-18 में मंजूर दो किलोमीटर सड़क में से 1200 मीटर सड़क ही अब तक बन सकी है। वर्ष 2017 में मंजूर तिलियापुर से सावन सिंह गुरुद्वारा मार्ग तक दो किलोमीटर की सड़क अधूरी पड़ी है।
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लालपुर-आजादनगर मार्ग वर्ष 2018 में मंजूर है जबकि अभी तक सात में से करीब तीन किमी. तक में ही सिर्फ बेस डाला गया है। रुद्रपुर विधायक राज्य योजना मेें अधूरी पड़ी सड़कों को गिनाते हुए बताते हैं कि पिछले साल मंजूर 29 सड़कें अधूरी हैं। इनमें से नौ सड़कें शहरी क्षेत्र की हैं।
इन सड़कों में काम नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की सुस्ती के चलते तीनपानी-करतारपुर मार्ग, जाफरपुर से खटोला, खानपुर नंबर दो, तीन, रामकोट नंबर छह, बागवाला की सड़कों में काम नहीं हुआ है। विधायकों का कहना है कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं और जनता का आक्रोश हमें झेलना पड़ता है।
- मेरे विधानसभा क्षेत्र में राज्य योजना से पिछले साल मंजूर 29 सड़कों में से अधिकांश में काम नहीं हो पाया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के अपर सचिव से शिकायत की गई तो कुछ सड़कों पर काम हुआ है। ट्रांजिट कैंप की सड़क का मुद्दा नौ बार विधानसभा में उठा चुका हूं और 25 से अधिक बार ज्ञापन दे चुका हूं। पीडब्लूडी के अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली से सड़कें नहीं बन पा रही हैं।
राजकुमार ठुकराल, विधायक।
- राज्य योजना की कईं सड़कें ऐसी हैं जिनका पैसा मंजूर होने के साथ ही टेंडर हो चुके हैं। लेकिन काम शुरू नहीं हो पाए हैं। कुछ सड़कें तो तीन साल में भी नहीं बन सकी हैं। अधिकारी सड़कों के इस्टीमेट तैयार नहीं करा पा रहे हैं। किच्छा में माडर्न डिग्री कॉलेज के लिए वर्ष 2018 में करीब 12 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं, लेकिन आज तक टेंडर की प्रक्रिया ही चल रही है। अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली को लेकर कुछ दिन पहले ही सीएम के ओएसडी के समक्ष कठोर शब्दों में बात रखी थी।
राजेश शुक्ला, विधायक
कोट:
- जिन सड़कों के टेंडर हो चुके हैं, उन सड़कों में काम चल रहा है। किसी सड़क में काम रुका नहीं है। ट्रांजिट कैंप की सड़क में कुछ महीनों से चल रही बाधा खत्म हो चुकी है। सड़कों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
मनोज बिष्ट, इंजीनियर, पीब्डब्लूडी
- तीन फरवरी 2019 को किच्छा के कॉलेज का शिलान्यास हुआ था और छह नवंबर 2019 को बजट मिला था। नवंबर में टेंडर कराए गए थे, लेकिन एक ही फर्म होने से टेंडर नहीं हो सका है। वर्तमान में दोबारा टेंडर की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही टेंडर कराकर कॉलेज भवन का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
ओमप्रकाश, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पेयजल निर्माण एवं संसाधन निगम।
इंसेट:
मुख्यमंत्री की 120 घोषणाएं अधूरी
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से जिले में की गई 151 घोषणाओं में से 120 घोषणाएं अधूरी हैं। पांच घोषणाओं को विलोपित किया जा चुका है जबकि 26 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। पिछले दिनों सीएम के औद्योगिक सलाहकार डॉ. केएस पवार इस संबंध में अधिकारियों की बैठक भी कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को घोषणाएं पूरी करने के लिए तत्परता से कार्य करने और दिक्कतों को शासन स्तर भेजकर निस्तारण कराने को कहा था।
फोटो 18आरडीपी 05पी: विधायक राजेश शुक्ला
06पी: राजकुमार ठुकराल
07पी: किच्छा में निर्माण की राह ताकता लालपुर-आजदनगर मार्ग
08पी: शांतिपुरी के शिव कॉलोनी में अधूरी बनी सड़क
09पी: रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में गड्ढों में तब्दील सड़क।

शांतिपुरी की शिव कॉलोनी में अधूरी पड़ी सड़क।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप की गड्ढों में तब्दील सड़क।- फोटो : RUDRAPUR

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