सिडकुल की भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड कंपनी के आगे 15 महीनों से धरना दे रहे श्रमिकों को हल्द्वानी स्थित औद्योगिक न्यायाधिकरण और श्रम न्यायालय ने राहत दी है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि 303 श्रमिकों की 27 दिसंबर वर्ष 2018 में जो गैरकानूनी छंटनी की गई थी, उसका पूरा वेतन दिया जाए।
बुधवार को एक होटल में आयोजित भगवती श्रमिक संगठन की प्रेस वार्ता में श्रमिक नेताओं दीपक सनवाल और सूरज बिष्ट ने कहा कि न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश 303 श्रमिकों पर लागू होगा। वहां पर नंदन सिंह, वंदना बिष्ट, ठाकुर सिंह, अर्जुन सिंह, लोकेश पाठक, प्रकाश चंद्र, प्रशांत शुक्ला, मुकेश जोशी थे।
श्रमिकों ने शासन-प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
रुद्रपुर। श्रमिकों ने जिला प्रशासन, श्रम विभाग से लेकर शासन तक प्रबंधन का साथ देने का आरोप लगाया। कहा कि श्रमिकों पर फर्जी मुकदमा किया गया। 47 श्रमिकों को ले आफ के मामले में श्रम विभाग ने अपने ही आदेश का पालन नहीं किया।
उसके बाद हाईकोर्ट ने औद्योगिक न्यायाधिकरण को 90 दिन के भीतर मामले के निस्तारण का आदेश दिया था। बताया कि कंपनी में उनसे 12-12 घंटे काम कराया जाता था। काम न करने पर बॉक्सर उन्हें पीटते थे। इधर, कंपनी के डीजीएम नरेंद्र त्यागी ने कहा कि श्रमिकों के लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।