चोपता। क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है। कोलू, कोलू बैंड, भन्नु और चोपता सहित आसपास के इलाकों में ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें तीसरे दिन मात्र 15 से 20 मिनट ही पानी मिल पा रहा है जबकि बिल पूरे महीने का वसूला जा रहा है।
कोलू के ग्राम प्रधान दलेब सिंह ने बताया कि पुरानी पेयजल लाइन जर्जर स्थिति में है जिस कारण तीन दिन बाद ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस संबंध में जब जल संस्थान के सहायक अभियंता रेवत सिंह रावत से बात की गई तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि चोपता क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था अब जल निगम के अधीन है। वहीं जब जल निगम के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। मुन्नी देवी बर्त्वाल, प्रमोद बर्त्वाल, नैनसिंह मेवाल, जगमोहन सिंह आदि ने समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संवाद