जनप्रतिनिधियों के क्रमिक अनशन और प्रशासन के दबाव के बाद लोनिवि ने मंगलवार से सड़क निर्माण का शेष कार्य शुरू किया गया। कपणिया में तीन सौ मीटर सड़क नहीं बनी होने से इस मार्ग का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा था। इससे बांगर और सिलगढ़ पट्टी के कई गांवों के ग्रामीणों को जखोली पहुंचने के लिए 15 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। जबकि इस मार्ग के बनने से यह दूरी सिर्फ 5 से 7 किमी ही रह जाएगी। मार्ग बनने से क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा।
वर्ष 2001-02 में करीब 5 किमी चौंरा-जखोली-अमकोटी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया। लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग (तब कीर्तिनगर) ने निर्माण कार्य किया। दोनों तरफ से सड़क का निर्माण हो गया था, लेकिन कपणिया गांव के निकट किन्हीं कारणों से तीन सौ मीटर कटिंग को लेकर विभाग का ग्रामीणों से विवाद हो गया। कई दौर की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बनने से निर्माण डेढ़ दशक तक लटका रहा।
ग्राम प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष महावीर पंवार का कहना है कि मार्ग बनने से बांगर, सिलगढ़ व लस्या पट्टी के 40 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि कटिंग कार्य तेजी से किया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो मार्च 2016 से इस मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा।