शिक्षक के मौत के चार वर्ष बाद तबादला प्रकरण में प्रभारी उप शिक्षाधिकारी और पटल लिपिक पर कार्रवाई हुई है। दोनों की सेवा पुस्तिका में जहां प्रतिकूल प्रविष्टि की गई है वहीं प्रभारी उप शिक्षाधिकारी से चार्ज हटा लिया गया है। मामले में शिक्षक की मौत के समय तैनात उप शिक्षाधिकारी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई को लेकर विभाग ने शासन को पत्र भेज दिया है।
जनपद में शिक्षक की मौत के बाद तबादला प्रकरण में दो सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी के निर्देश पर प्रभारी उप शिक्षाधिकारी और पटल लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। दोनों की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि की गई है जिससे उनके सेवाकाल में आगे पदोन्नति की उम्मीद भी धूमिल हो गई है। साथ ही मुख्य शिक्षाधिकारी यशवंत सिंह चौधरी ने प्रभारी उप शिक्षाधिकारी से चार्ज भी वापस ले लिया है।
अब जखोली के खंड शिक्षाधिकारी यशवीर सिंह रावत को अगस्त्यमुनि का बीईओ व एबीईओ का कार्यभार भी सौंपा गया है। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्व. वीरपाल सिंह कुंवर की मृत्यु के दौरान अगस्त्यमुनि में तैनात रहीं उप शिक्षाधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया है। बता दें कि अमर उजाला ने 14 जुलाई के अंक में शिक्षक की मौत के चार साल बाद सुनी तबादले की गुहार खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जनपद में शिक्षक की मौत के बाद तबादला प्रकरण में गंभीर लापरवाही हुई है। विभागीय स्तर पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभागीय स्तर पर भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो इसके लिए उचित प्रबंध किए जा रहे हैं।
- वंदना, बेसिक शिक्षा निदेशक, देहरादून