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पीएफ और ईएसआई में गड़बड़ी की जांच करेगी सीएआईयू

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रुद्रपुर। नगर पालिका जसपुर में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआई की धनराशि में गड़बड़ी की शिकायत के बाद हुई एडीएम की जांच में आउटसोर्सिंग फर्म जेके इंटरप्राइजेज काशीपुर प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई है।
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जिला प्रशासन ने फर्म पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी है। वहीं, मामले की बारीकी से जांच को लेकर केंद्रीय विश्लेषण एवं प्रज्ञाता इकाई (सीएआईयू) को पत्र भेजा गया है। अब सीएआईयू की जांच में गड़बड़ी की असल तस्वीर सामने आएगी।
दरअसल जसपुर नगर पालिका में आउटसोर्सिंग पर रखे कर्मचारियों ने बीते मई में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से फर्म के खिलाफ पीएम और ईएसआई की राशि जमा नहीं करने की शिकायत की थी।
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कैबिनेट मंत्री के निर्देश पर डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को मामले की जांच सौंपी थी। एडीएम ने शिकायतकर्ताओं, फर्म, अधिशासी अभियंता के बयान और दस्तावेज लेने के साथ ही क्षेत्रीय भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा निगम से भी दस्तावेज लिए थे।
जांच में पाया गया कि कर्मचारी सुमित, वसीम और पिंकी की नौकरी की तिथि के दो महीने के बाद से पीएफ जमा किया गया था। अली अकबर और सुभाष की नौकरी एक अगस्त 2018 दर्शायी गई है, जबकि पीएफ अंशदान फरवरी का ही जमा है।
रवि कुमार की नौकरी 15 अप्रैल 2018 दर्शायी है और पीएफ अंशदान सिर्फ फरवरी का जमा है। ईएसआई की राशि को लेकर भी काफी गड़बड़ी मिली है। जांच अधिकारी ने पाया कि नगर पालिका की ओर से आउटसोर्स कर्मियों को हर महीने उनके वेतन के साथ जो पीएफ और ईएसआई की राशि फर्म को संबंधित कर्मियों के खाते में जमा करने को दी जा रही है, वह जमा नहीं हो रही है।
इसके चलते फर्म जेके इंटरप्राइजेज काशीपुर प्रथम दृष्टया दोषी है। डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि जांच में फर्म के दोषी पाए जाने के बाद रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए शासन को भेजा गया है। इसके अलावा केंद्रीय विश्लेषण एवं प्रज्ञाता इकाई को पीएफ और ईएसआई में हुई हुई अनियमितताओं को लेकर फर्म के निरीक्षण के बाबत पत्र भेजा गया है।
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