फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओमेक्स सोसायटी के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष का पुतला फूंका

विज्ञापन
रुद्रपुर के ओमेक्स कालोनी में अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष का पुतला फूंकते लोग। - फोटो : RUDRAPUR
विज्ञापन
रुद्रपुर। ओमेक्स रिवेरा रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगा है। सोसायटी के कुछ पूर्व और निवर्तमान पदाधिकारियों ने सोसायटी के लोगों से विभिन्न सुविधाओं की एवज में लिए गए छह करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष का पुतला फूूंका। इधर, सोसायटी अध्यक्ष ने घोटाले के आरोप को बेबुनियाद करार देते हुए मामले में मानहानि का केस दायर करने की बात कही है।
विज्ञापन

सोमवार को ओमेक्स कॉलोनी में एकत्र लोगों ने अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व सचिव अभिनव छाबड़ा ने कहा कि उनका सोसायटी में सचिव के रूप में निर्वाचन 14 जनवरी 2018 को हुआ था। सोसायटी में लेखराज जेडली अध्यक्ष और गौतम कथूरिया कोषाध्यक्ष चुने गए थे। कहा कि सभी का कार्यकाल 13 जनवरी 2020 को समाप्त होने के बावजूद अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया और लगातार चुनाव टालते रहे। जून में आम सभा की ओर से चुनी हुई चुनाव समिति ने चुनाव करवा दिया था लेकिन इसके बाद भी दोनों अपने पद से नहीं हटे। आरोप लगाया कि सोसायटी के लोगों से मरम्मत के नाम हर महीने जमा कराए जाने वाले शुल्क में से पांच से दस लाख रुपये का घोटाला किया गया है।
निवर्तमान सचिव गुरनाम सिंह कामरा ने कहा कि नवंबर 2019 से सोसायटी का मरम्मत चार्ज का लेखा जोखा अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष के पास है। इसकी जानकारी न तो सोसायटी के किसी और पदाधिकारी के पास है न ही सोसायटी में रहने वाले लोगों के ही पास है। वहां विशाल भुड्डी, शुभम शर्मा, रजत शर्मा, ओपी सिंह, संजीव अरोरा ,अंकित नरूला, गौरव जुयाल , जगजीत सिंह, ध्रुव, अभिषेक अग्रवाल, संजय राजवंशी, रितिक छाबड़ा आदि थे।
विज्ञापन

शहर का एक बड़ा सिंडिकेट ओमेक्स सोसायटी को अपने कब्जे में लेने का षड्यंत्र पिछले छह माह से कर रहा है। एक कंपनी के कब्जे से सोसायटी को मुक्त कराने के बाद 40 लाख रुपये का फायदा पहुंचाने का काम किया गया है। कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से चुनाव कराया और इन लोगों में आपस में ही मतभेद हो गए थे। अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। मेरे पास खर्च का पूरा लेखाजोखा है। सब रजिस्ट्रार ने नए चुनाव होने तक 20 जुलाई को पुरानी समिति को कार्य करने का पत्र जारी किया था और इसके खिलाफ दूसरा पक्ष कोर्ट में गया था। घोटाले के आरोप बेबुनियाद हैं। मैं मामले में मानहानि का केस करूंगा। - लेखराज जेडली, अध्यक्ष, ओमेक्स सोसायटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें