एक तरफ जिला पेयजल संकट की मार झेल रहा है, वहीं लोनिवि ने निर्माणाधीन दैजीमांडा-छांतीखाल मार्ग के मलबे से छांतीखाल में निवास कर रहे परिवारों की पेयजल लाइन तोड़ दी है। ऐसे में ग्रामीणों को दूरस्थ स्रोत से प्लास्टिक के पाइप लगाकर पानी जुटाना पड़ रहा है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित जोन सिरोहबगड़ के विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे दैजीमांडा-छांतीखाल वैकल्पिक मोटर मार्ग के निर्माण से ग्रामीणों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
लोनिवि प्रांतीय खंड की ओर से 4.5 किमी मार्ग निर्माण से छांतीखाल में पेयजल लाइन और स्टोर टैंक को क्षति पहुंचाई गई है। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण प्लास्टिक के पाइप की मदद से घर तक पानी पहुंचा रहे हैं। यहीं नहीं, पानी का स्टोर टैंक भी सड़क के मलबे में दब गया है।
यहां पर विस्थापित चार परिवार रहते हैं। इन परिवारों की गेहूं और जौ से लदे खेतों में मलबा भरा हुआ है। ग्राम पंचायत खांकरा के प्रधान प्रदीप मलासी ने कहा कि लोनिवि की ओर से ग्राम पंचायत से बिना एनओसी लिए निर्माण कार्य किया गया है।
सड़क के मलबे से सिंचाई नहर को भी क्षति पहुंची है। इधर, विभागीय ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन, टैंक और सिंचाई नहर का पुनर्निर्माण और मरम्मत कर दी जाएगी।