ठेके को लेकर महिलाओं में आक्रोश दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा। सोमवार को नगर से लगे हितडांग मोहल्ले की महिलाओं ने जुलूस प्रदर्शन कर हाईवे पर जाम लगाया। साथ ही शराब की दुकान की जाली तोड़कर बाहर फेंकी और शटर बंद कर दिया। महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन भी भेजा।
सोमवार को हितडांग में शराब कारोबारियों द्वारा दूसरी बार दुकान खोलने का प्रयास किया गया, जिसकी सूचना पर स्थानीय महिलाएं मौके पर पहुंची। उन्होंने आबकारी विभाग, शासन, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ठेके का जमकर विरोध किया। यह देखते हुए शराब कारोबारियों ने अपना सामान समेटा और वहां से चलते बने, लेकिन महिलाओं का गुस्सा तब भी कम नहीं हुआ। कुछ महिलाओं नेे शराब की दुकान पर लगी जाली को तोड़कर बाहर फेंक दिया और दुकान बंद कर दी। कहना था कि किसी भी कीमत पर क्षेत्र में वे ठेका नहीं खुलने देंगी।
आंदोलन को स्थानीय युवाओं ने भी अपना समर्थन दिया। इसके बाद मातृशक्ति जुलूस के रूप में बाजार होते हुए शराब विरोधी नारों के साथ केदारनाथ तिराहे पर पहुंची। जहां उन्होंने बदरीनाथ व गौरीकुंड हाईवे पर सांकेतिक जाम किया। इसके बाद महिलाएं नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां जिलाधिकारी रंजना के अन्यत्र होने के कारण उप जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र को ज्ञापन सौंपा गया। विरोध, प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायत सदस्य प्यारी देवी, सुनीता देवी, दीपा देवी, सरस्वती देवी, मंजू देवी, सविता कप्रवाण, गंगोत्री पंवार, प्रेमा देवी, विजया देवी, बीना किमोठी, प्रभा चौधरी, मूसी देवी, कमला देवी, शंकर पंवार, नारायणी देवी, सर्वेश्वरी देवी, गंगा देवी आदि थे। वहीं ऊखीमठ में शराबबंदी की मांग को लेकर शराब विरोधी संगठन का आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। सतेश्वरी देवी व दुर्गा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने धरना स्थल से लेकर मुख्य बाजार तक जुलूस निकाला।
आक्रोशित महिलाओं ने किया हाईवे जाम
अगस्त्यमुनि। बांसवाड़ा में शराब का ठेका खोलने का विरोध करते हुए जलई गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर दो घंटे से अधिक समय तक जाम लगाया। इस दौरान मार्ग पर दो तरफा वाहनों की कतार लगी रही। इस दौरान विधायक मनोज रावत के मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई के आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने दोपहर सवा 12 बजे आंदोलन समाप्त किया।
सोमवार को जलई गांव के महिला मंगल दल अध्यक्ष हेमा भंडारी, हेमा बिष्ट, रामदेयी देवी, यशवीर बिष्ट, संदीप बिष्ट, देवराज रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण बासवाड़ा पहुंचे और ठेके का विरोध करने लगे। इसके बाद सभी ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे बाद केदारनाथ के विधायक मनोज रावत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने आंदोलनरत ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव या बस्ती क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खुलेगी, इसके लिए वे भी अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं। काफी देर तक चली वार्ता के बाद दोपहर सवा बारह बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो पाया।