मां बाराही देवी सेमी-भैंसारी गांव की आराध्य देवी है। वर्ष 2013 में आपदा के दौरान भूस्खलन से मंदिर परिसर को भारी नुकसान पहुंचा था। ग्रामीणों ने कई बार मंदिर के जीर्णोद्धार व भूस्खलन के ट्रीटमेंट के लिए सरकार व श्री बदरी केदार मंदिर समिति को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से मंदिर धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है।
केदारनाथ क्षेत्र की पूर्व विधायक आशा नौटियाल, पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, सेमी भैंसारी की पूर्व प्रधान कुंवरी बर्तवाल, सेमी भैंसारी के प्रधान योगेंद्र बिष्ट ने मंदिर की सुरक्षा के लिए जल्द ही स्थायी उपाय करने की मांग की। इधर, बीकेटीसी के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा व ट्रीटमेंट के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। समिति ने इसके लिए कुछ प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क किया है। ट्रीटमेंट के लिए धन प्राप्त होते ही काम शुरू किया जाएगा।
ये है मान्यता :
केदारनाथ यात्रा में मां बाराही देवी मंदिर का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पूर्व में जब केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलते थे तो डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर ऊखीमठ से केदारनाथ जाते वक्त यहां पर अल्प विश्राम होता था। इस दौरान केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी का यहां पर बुद्धिजीवियों से शास्त्रार्थ करते थे।