एमआई-26 हेलीपैड पर उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर में खराबी आ गई। करीब दो मीटर उपर उठते ही इसमें सायरन जैसी तेज आवाज के साथ चिंगारी उठने लगी। इससे यात्री घबरा गए। तत्काल लैंडिंग करवाकर हादसा टल गया। डीएम ने मामले में कंपनी प्रबंधन से जानकारी मांगी है।
बृहस्पतिवार सुबह 7.45 बजे केदारनाथ से इंडोकॉप्टर कंपनी के हेलीकॉप्टर ने 6 यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी (मस्ता) के लिए उड़ान भरी। करीब दो मीटर ऊपर उठते ही हेलीकॉप्टर के अंदर से तेज आवाज के साथ चिंगारियां उठने लगीं। इससे पायलट भी सकते में आ गया। वहीं, इसमें सवर छह यात्री भी घबरा गए। ऐसे में पायलट ने तुरंत हेलीकॉप्टर को लैंड कर दिया। हेलीपैड पर मौजूद कंपनी कर्मचारियों ने तप्तरता से सभी यात्रियों को बाहर निकाला।
कंपनी का इंजीनियर केदारनाथ पहुंच गया है और सुबह की शटल में धाम भेजे गए यात्रियों को अन्य हेलीकॉप्टर से वापस लाया जा रहा है। कंपनी के मैनेजर मदन सिंह ने बताया कि हेलीकॉप्टर में खराबी आने से यह स्थिति हुई है। इधर, केदारनाथ के पुलिस थाना प्रभारी विपिन चंद्र पाठक ने बताया कि खराब हुए हेलीकॉप्टर को हेलीपैड के किनारे खड़ा किया गया है।
दोएम दर्जे के हेलीकॉप्टर भर रहे उड़ान
दोएम दर्जे के हेलीकॉप्टर केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहे हैं। 70-80 के दशक में निर्मित हेलीकॉप्टरों को रंग-रोगन कर संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि कई हेलीकॉप्टरों की स्थिति काफी खराब है, जो कभी भी किसी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। बृहस्पतिवार को खराब हुए इंडोकॉप्टर कंपनी का हेलीकॉप्टर भी दो दशक पुराना बताया जा रहा है।
डीजीसीए के निरीक्षण पर सवाल
केदारनाथ। डीजीसीए द्वारा केदारनाथ यात्रा में हेली कंपनियों को हवाई सेवा की अनुमति दिए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। 9 मई से शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर यात्रियों के साथ कंपनी प्रबंधन की मनमानी, ओवररेट व ब्लैक टिकटिंग के साथ हेलीपैड पर जरूरी सुविधाएं न होना आदि समस्याएं सामने आ रही हैं।
हेलीकॉप्टर में खराबी के कारणों के बारे में कंपनी प्रबंधन से पूरी जानकारी मांगी गई है। यात्रा संचालन कर रही अन्य कंपनियों को भी अपने हेलीकॉप्टर की नियमित जांच-पड़ताल के बाद उड़ान भरने के निर्देश दिए गए हैं।-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग