पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रही पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने आखिरकार निर्दलीय चुनाव लड़ने की हुंकार भर दी है। निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान करने के साथ ही वह फफक-फफक कर रो पड़ी। इस दौरान वरिष्ठ भाजपाइयों ने उन्हें ढाढ़स बंधाया।
पार्टी हाईकमान के फैसले से आहत पूर्व विधायक आशा ने कहा वे अपने समर्थकों की भावनाओं का मान रखते हुए क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ेगी। कहा पार्टी हाईकमान ने जिस तरह से उन्हें दरकिनार कर, दस माह पूर्व शामिल को प्रत्याशी बनाया है, वह अनुचित है।
स्यालसौड़ में समर्थकों के साथ बैठक करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि पार्टी ने टिकट वितरण में अपने चाल, चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकमान ने वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे लोगों की अनदेखी की है, जिसकी खामियाजा पार्टी को भुगतान होगा। अपनी बात कहते हुए आशा कई बार भावुक भी हुई।
अपने संबोधन को खत्म करते ही वे फफक-फफक कर रो पड़ी। इस मौके पर पूर्व प्रमुख फते सिंह रावत, लक्ष्मी प्रसाद भट्ट सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने एक सुर में आशा के निर्दलीय चुनाव लड़ने के निर्णय का समर्थन करते हुए उन्हें जीत दिलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर गजेंद्र चौधरी, भगत कोटवाल, दिनेश तिवारी, मदन चौहान, अनसूया, रामचंद्र गोस्वामी, कमल रावत, राय सिंह, दीपा जुगराण, अंजना रावत, शत्रुघन सिंह नेगी, मगन नेगी, प्