यह बात देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत गांववासी ने पत्रकार वार्ता में कही।
गांववासी ने कहा कि देवभूमि की लोक संस्कृति, विरासतीय आस्थाओं के प्रतीकों के संरक्षण, संवर्द्धन, संस्कार व आचारण के लिए यह शोभायात्रा आयोजित की जा रही है। इससे इन पौराणिक स्थलों का प्रचार-प्रसार हो सकेगा और चार धाम यात्रा के साथ-साथ श्रद्धालु यहां भी पहुंचेंगे। स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा और देवभूमि से पलायन पर अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में आयोजित महाकुंभ हरिद्वार में भी इसी प्रकार दिव्य शोभायात्रा व शाही स्नान का आयोजन किया गया था। इस बार देवी-देवताओं की डोलियों, प्रतीकों के साथ उत्सव के देवता पांडवों, बग्ड़वाल, गुरिल्ल व कैंतुरा के पश्वाओं को भी इस शोभायात्रा में आमंत्रित किया गया है।
शोभायात्रा के बाद सरकार से देवभूमि के देवी-देवताओं का रिकार्ड तैयार करने, उन देव स्थलों पर उचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा। इस मौके पर भाजपा मजदूर मोर्चा के प्रदेश मंत्री मदन सिंह रावत, भाजपा सिद्धसौड़ मंडल अध्यक्ष त्रिलोक सिंह रावत आदि उपस्थित थे।